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अनीसा के पदक की कीमत नहीं समझ पाई सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Wed, 30 Jul 2014 08:07 PM IST
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फरीदाबाद में आयोजित सम्मान समारोह में रजत पदक विजेता अनीसा की कही बात सच निकली। सरकार सच में ही अनीसा के पदक की कीमत नहीं समझ पाई।
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मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल की बैठक में छह खिलाड़ियों को अलग-अलग पदों पर नौकरी दी। केवल अनीसा को उन खिलाड़ियों की सूची में शामिल नहीं किया गया।
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ज्ञात हो कि ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में अनीसा ने 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल में रजत पदक हासिल किया है। पदक जीतने के बाद मंगलवार को सेक्टर-46 में उनके निवास पर सम्मान समारोह आयोजित किया।
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जिसमे ‘अमर उजाला’ से बातचीत में अनीसा ने कहा था कि दिल्ली कॉमनवेल्थ में दो स्वर्ण पदक जीतने के बाद भी सरकार ने उन्हें कोई सहयोग नहीं दिया। अपने दम पर उन्हें वर्ल्ड कप व कॉमनवेल्थ की तैयारी करनी पड़ी। ऐसे में वह रजत पदक जीतने पर सरकार से क्या उम्मीद कर सकती हैं।
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अनीसा से कम उपलब्धि वाले खिलाड़ियों को मिल गई नौकरी
बुधवार को मंत्रिमंडल ने छह खिलाडियों को खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरी देने की स्वीकृति प्रदान की। इनमें कॉमनवेल्थ निशानेबाजी में रजत पदक विजेता संजीव राजपूत व अनिल कुमार को हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर, कबड्डड्ढी खिलाड़ी रमेश कुमार, प्रमिला देवी तथा शमशेर सिंह को इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्ति दी जाएगी। इसके अलावा पैरा ओलंपिक खिलाड़ी पहलवान वीरेन्द्र सिंह को उनकी क्षमता के अनुसार किसी सरकारी विभाग में नियुक्ति दी जाएगी। लेकिन नौकरी पाने वालों में अनीसा का नाम नहीं है।
ज्यादा उम्मीद नहीं थी
अनीसा के पति मुबारक ने कहा कि उन्हें ज्यादा उम्मीद भी नहीं थी। वह अपना संघर्ष जारी रखेंगे। वही राइफल एसोसिएशन के सचिव दीप भाटिया ने कहा कि अनीसा के साथ राजनीति की जा रही है। दिल्ली कॉमनवेल्थ में स्वर्ण व ग्लासगो में रजत पदक जीतने के बावजूद नौकरी न मिलना खेल के प्रति अन्याय है।