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UP: सरकारी अस्पताल में HIV गर्भवती महिला को नहीं मिला इलाज, की गई अभद्रता; घंटों प्रसव पीड़ा से तड़पती रही
Tue, 04 Mar 2025 07:49 PM IST
श्याम जी.
संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर
संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर
Published by: श्याम जी.
Updated Tue, 04 Mar 2025 07:49 PM IST
सार
बुलंदशहर जिला महिला अस्पताल में एचआईवी पॉजिटिव गर्भवती को इलाज की सुविधा के लिए घंटों प्रसव पीड़ा से गुजरना पड़ा। स्वास्थ्य अफसरों तक मामला पहुंचने के बाद भी गर्भवती को इलाज नहीं मिल सका।
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Pregnant Women Demo
- फोटो : freepik.com
विस्तार
बुलंदशहर जिला महिला अस्पताल में एचआईवी पॉजिटिव गर्भवती को इलाज की सुविधा के लिए घंटों प्रसव पीड़ा से गुजरना पड़ा। स्वास्थ्य अफसरों तक मामला पहुंचने के बाद भी गर्भवती को इलाज नहीं मिल सका। पहले स्टाफ ने बेड फुल होने तो बाद में चिकित्सक न होने की बात कह गर्भवती को रेफर कर दिया। परिजनों ने स्टाफ पर अभद्रता करने और इलाज न देने का आरोप लगा स्वास्थ्य मंत्री को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
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जिला महिला अस्पताल दो साल पूर्व से कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध चल रहा है। मान्यता के लिए विशेषज्ञ की नियुक्ति की गई, लेकिन धरातल पर विशेषज्ञ नजर नहीं आते। सोमवार रात गुलावठी क्षेत्र के एक गांव निवासी गर्भवती महिला को लेकर परिजन जिला महिला अस्पताल पहुंचे।
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एचआईवी पॉजिटिव की पुष्टि हुई
परिजनों के अनुसार गर्भवती होने पर जांच कराने पर एचआईवी पॉजिटिव की पुष्टि हुई। पति भी जांच में एचआईवी पॉजिटिव निकला। अभी तक अस्पताल में महिला का इलाज चल रहा था। एक सप्ताह पूर्व प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में चिकित्सकों ने कुछ दिन बाद आने को कहा। सोमवार शाम प्रसव पीड़ा होने पर गर्भवती को अस्पताल लेकर आए।
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स्टाफ भर्ती करने से इंकार करता रहा
आरोप है कि दो घंटे तक बेड खाली न होने की बात कहकर स्टाफ भर्ती करने से इंकार करता रहा। गर्भवती की हालत बिगड़ने पर स्टाफ से मिन्नतें भी कीं, लेकिन स्टाफ ने अभद्रता शुरू कर दी। उच्च अफसरों को फोन मिलाया तो बात नहीं हो सकी। विरोध किए जाने पर तीन घंटे बाद गर्भवती को लेबर रूम में ले जाकर गर्भस्थ शिशु को टेढ़ा बताते हुए रेफर कर दिया। आरोप है कि करीब तीन घंटे तक गर्भवती दर्द से छटपटाती रही, लेकिन किसी का भी दिल नहीं पसीजा। इसको लेकर स्वास्थ्य मंत्री को शिकायत भेजी है। उधर, मेरठ मेडिकल कॉलेज में महिला ने मंगलवार को पुत्री को जन्म दिया।
अस्पताल में एचआईवी पॉजिटिव महिला के इलाज की सुविधा न होने पर रेफर किया गया। स्टाफ द्वारा अभद्रता मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. अजय पटेल, सीएमएस जिला महिला अस्पताल