हाई हील पहनने वाली लड़कियां जरूर पढ़ें ये खबर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
युवाओं में लंबा दिखने की होड़ हमेशा रहती है। खासतौर पर लड़कियों और महिलाओं यह चाह ज्यादा होती है। इसके लिए वह टीक-टॉक टीक-टॉक करती हाई हिल को खूब चाव से खरीदती और पहनती है। लड़कियों की कलेक्शन में ये हिल्स ने अपनी खास जगह बना भी ली हैं।
लेकिन इन हिल्स को पहनकर जितनी खूबसूरत वह लगती है, उससे कहीं ज्यादा यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं। आर्थोपेडिशियन डॉ. नवीन अग्रवाल ने बताया कि हिल्स को लगातार पहनने से रीढ़ की हड्डी के रोग, उच्च रक्तचाप, पैरों में सूजन, पैरों में रक्त प्रवाह का न होना जैसी समस्याएं होने लगती है।
धीरे-धीरे इसका असर घुटनों और जांघों पर भी होने लगता है। हिल्स से स्वास्थ्य को हो रहे नुकसान और इस नुकसान से युवतियों के बदलते रुझान को देखते हुए बाजार में हिल्स की नई रेंज आ गई है।
युवतियां हो रही हैं रीढ़ की हड्डी के रोगों का शिकार
गुड़गांव के मार्केट व ऑनलाइन बिक रही सैंडलों को देखने पर पता चलता है कि पिछले चार से पांच माह में हिल फुटवेयर में बदलाव आ रहा है। अब पैंसिल हिल की जगह प्लेटफॉर्म हिल्स ने ले ली है। बाजार में यह हिल्स सैंडल वेज हिल्स, कोन, पीप-टो हिल, स्पूल, बॉलरूम हिल, फ्रेंच, चंकी हिल्स के नाम से आसानी से मिल रही है। इनकी कीमत भी अधिक नहीं है।
फुटवेयर फैशनीस्ट अफशां ने बताया कि बाजार में जो नई हिल्स आई है वो दिखने में तो सुंदर है ही। साथ ही पैरो के लिए आरामदायक भी है। क्योंकि इन सभी हिल्स के डिजाइन में सिर्फ एडी को ही अपर नहीं किया गया। बल्कि पैरों के अगले हिस्से केा भी एक अनुपात में उठाया गया है। जिससे पैरों के दोनो हिस्से लगभग सामान ऊंचाई पर रहते है।
इन हिल्स को आकर्षित बनाने के लिए ये हिल्स कई रंग में है। जहां पहले सिर्फ काले या सफेद हिल्स वाले सैंडल होते थे। वहीं अब लाल से लेकर बैगनी रंग तक है।