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Delhi: हाईकोर्ट ने अधिकारियों से कहा- मातृत्व अवकाश को दो बच्चों तक सीमित करने वाले नियम की फिर से जांच हो
Tue, 23 Jul 2024 10:44 PM IST
आकाश दुबे
पीटीआई, दिल्ली
पीटीआई, दिल्ली
Published by: आकाश दुबे
Updated Tue, 23 Jul 2024 10:44 PM IST
सार
अदालत ने अधिकारियों को नियमों की फिर से जांच करने के लिए कहा है। कोर्ट ने अधिकारियों से पूछा कि तीसरे और उसके बाद के बच्चों का क्या दोष है?
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एक महिला सरकारी कर्मचारी के दो बच्चों तक मातृत्व अवकाश के अधिकार को सीमित करने वाला सरकारी नियम दिल्ली हाईकोर्ट की जांच के दायरे में आ गया है। अदालत ने अधिकारियों को नियमों की फिर से जांच करने के लिए कहा है।
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कोर्ट ने अधिकारियों से पूछा कि तीसरे और उसके बाद के बच्चों का क्या दोष है? जिनके जन्म पर उनका कोई नियंत्रण नहीं था। कोर्ट ने कहा कि इस नियम के कारण तीसरे और उसके बाद के बच्चों को मातृत्व देखभाल से वंचित होना पड़ता है, जबकि पहले दो बच्चों को मिली थी।
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केंद्रीय सिविल सेवा (सीसीएस अवकाश) के नियम, 1972 के नियम 43 के अनुसार, अगर किसी महिला सरकारी कर्मचारी के दो से कम जीवित बच्चे हैं, तो वह 180 दिनों की अवधि के लिए मातृत्व अवकाश की हकदार है।
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