फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   High Court summons centre delhi and DCPCR on protection of children begging

Delhi High Court: सड़को पर भीख मांगने वाले बच्चों के संरक्षण मुद्दे पर केंद्र, दिल्ली सरकार व DCPCR से जवाब तल

Tue, 23 Aug 2022 08:07 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Tue, 23 Aug 2022 08:07 PM IST
सार

मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा व न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि वह पिछले दो महीनों से दिल्ली में रोजाना एक ही सड़क पर बच्चों के एक ही समूह को भीख मांगते हुए देख रहे हैं।

विज्ञापन
High Court summons centre delhi and DCPCR on protection of children begging
दिल्ली हाईकोर्ट ने भेजा समन - फोटो : ANI

विस्तार

उच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र, दिल्ली सरकार और दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) को राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर भीख मांगने वाले बच्चों को बचाने और उनके पुनर्वास के लिए उनके द्वारा उठाए गए कदमों संबंधी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा अधिकारियों द्वारा किया गया कागजी कार्य उत्कृष्ट है लेकिन वह जानना चाहती है कि जमीनी स्थिति क्या है और इस संबंध में क्या कदम उठाए गए हैं।

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा व न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा कि वह पिछले दो महीनों से दिल्ली में रोजाना एक ही सड़क पर बच्चों के एक ही समूह को भीख मांगते हुए देख रहे हैं। पीठ ने कहा वे परिणाम चाहते हैं। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मैंने दिल्ली में दो महीने पूरे कर लिए हैं और मैं स्वयं कार चलाता हूं। मैं हर दिन उन्हीं सड़कों पर छोटे बच्चों के एक समूह को देखता हूं। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि आप एक दिन में परिणाम की बात कर रहे हैं। पिछले दो महीनों से मैं देख रहा हूं। अदालत ने यह टिप्पणी डीसीपीसीआर के वकील के उस तर्क पर की कि अधिकारी चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं और कार्रवाई कर रहे हैं और याचिकाकर्ता एक दिन में परिणाम देखना चाहता है। पीठ बच्चों द्वारा भीख मांगने के उन्मूलन की मांग वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसमें पहले केंद्र, दिल्ली सरकार और डीसीपीसीआर को नोटिस जारी किए गए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

पीठ ने अधिकारियों को सड़कों पर भीख मांगते बच्चों को बचाने और उनके पुनर्वास के लिए पूरी दिल्ली में जोनवार उनके द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देने के लिए आठ सप्ताह का समय देते हुए सुनवाई 2 दिसंबर तय की है।

आरोपियों को गिरफ्तार करने का निर्देश देने की मांग

याचिकाकर्ता अजय गौतम ने अधिकारियों को भिखारी बच्चों का पुनर्वास करने और बच्चों, किशोर लड़कियों और छोटे बच्चों का उपयोग करने वाली महिलाओं को भीख मांगने और अपराध में धकेलने और युवा लड़कियों का शोषण करने वाले लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के निर्देश देने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि शहर के हर हिस्से में भिखारियों की मौजूदगी के बावजूद, अधिकारी इस खतरे को रोकने के लिए कोई सुधारात्मक कदम उठाने में विफल रहे हैं।

याचिका में कहा गया है कि हर कोई जानता है कि बच्चों द्वारा भीख मांगने के इस खतरे के पीछे भीख माफिया सक्रिय रूप से हैं और वे वास्तव में भीख मांगने के लिए मासूम बच्चों का अपहरण, प्रशिक्षण, बल और अत्याचार करते हैं।

DCPCR ने किया ये दावा

डीसीपीसीआर के वकील ने कहा कि वे समय-समय पर जांच कर रहे हैं और सड़कों पर भीख मांगते पाए गए बच्चों को बचा रहे हैं और उनका पुनर्वास कर रहे हैं।

याची ने कहा कि सर्दियों में आमतौर पर देखा गया है कि युवा लड़कियां अधिकतम सहानुभूति हासिल करने के लिए बच्चों को बिना कपड़ों के रखती हैं। कई मामलों में ये गिरोह/माफिया और युवा लड़कियां सहानुभूति बटोरने के लिए जानबूझकर छोटे बच्चों को लेकर उनकी जान जोखिम में डालते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed