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Delhi NCR News: स्कूल संचालन में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र-दिल्ली सरकार से मांगी रिपोर्ट
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-मामले की अगली सुनवाई 15 मई 2026 को तय
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
हाईकोर्ट ने स्कूल संचालन में लंबे समय से हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने सभी पक्षों को दो सप्ताह के भीतर शपथपत्र दाखिल करने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने सुनवाई में कहा कि 8 अप्रैल 2024 के आदेश के बाद भी दो वर्षों में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है, जो गंभीर चिंता का विषय है। यह याचिका सोशल ज्यूरिस्ट नामक सिविल राइट्स संगठन द्वारा दायर की गई थी। सुनवाई में बताया कि एनटीपीसी लिमिटेड ने 31 मार्च 2025 तक स्कूल को वित्तीय सहायता दी थी, जिसके बाद फिलहाल केवीएस अंतरिम व्यवस्था के तहत स्कूल का संचालन कर रहा है।
कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लिए गए एक पत्र का भी उल्लेख किया, जो 5 दिसंबर 2025 को केवीएस द्वारा शिक्षा मंत्रालय को लिखा था। इसमें कहा कि दिल्ली सरकार ने सैद्धांतिक रूप से स्कूल चलाने पर सहमति दी है, लेकिन भूमि हस्तांतरण से जुड़े मुद्दे अभी भी लंबित हैं। अदालत ने यह भी नोट किया कि भूमि एवं विकास कार्यालय को अब तक शिक्षा मंत्रालय की ओर से कोई औपचारिक अनुरोध नहीं भेजा गया है। पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल को निर्देश दिया कि भूमि एवं विकास कार्यालय और शिक्षा मंत्रालय की ओर से विस्तृत हलफनामा दाखिल करें। साथ ही, केवीएस, दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल कार्यालय को भी अलग-अलग स्थिति रिपोर्ट देने को कहा गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित पक्ष निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मामले की अगली सुनवाई 15 मई 2026 को तय की गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
हाईकोर्ट ने स्कूल संचालन में लंबे समय से हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने सभी पक्षों को दो सप्ताह के भीतर शपथपत्र दाखिल करने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने सुनवाई में कहा कि 8 अप्रैल 2024 के आदेश के बाद भी दो वर्षों में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है, जो गंभीर चिंता का विषय है। यह याचिका सोशल ज्यूरिस्ट नामक सिविल राइट्स संगठन द्वारा दायर की गई थी। सुनवाई में बताया कि एनटीपीसी लिमिटेड ने 31 मार्च 2025 तक स्कूल को वित्तीय सहायता दी थी, जिसके बाद फिलहाल केवीएस अंतरिम व्यवस्था के तहत स्कूल का संचालन कर रहा है।
कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लिए गए एक पत्र का भी उल्लेख किया, जो 5 दिसंबर 2025 को केवीएस द्वारा शिक्षा मंत्रालय को लिखा था। इसमें कहा कि दिल्ली सरकार ने सैद्धांतिक रूप से स्कूल चलाने पर सहमति दी है, लेकिन भूमि हस्तांतरण से जुड़े मुद्दे अभी भी लंबित हैं। अदालत ने यह भी नोट किया कि भूमि एवं विकास कार्यालय को अब तक शिक्षा मंत्रालय की ओर से कोई औपचारिक अनुरोध नहीं भेजा गया है। पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल को निर्देश दिया कि भूमि एवं विकास कार्यालय और शिक्षा मंत्रालय की ओर से विस्तृत हलफनामा दाखिल करें। साथ ही, केवीएस, दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल कार्यालय को भी अलग-अलग स्थिति रिपोर्ट देने को कहा गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित पक्ष निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मामले की अगली सुनवाई 15 मई 2026 को तय की गई है।
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