दिल्ली नगर निगम के स्कूलों में गरीब छात्रों से करवाई जा रही सफाई, भड़की अदालत
- दिल्ली नगर निगम के स्कूलों में गरीब छात्रों से करवाई जा रही सफाई, भड़की अदालत
- हाईकोर्ट ने लगाई पूर्वी एमसीडी को कड़ी फटकार,
- पूछा क्या इन स्कूलों मे कभी पढ़ाई भी होती है
विस्तार
अदालत ने सरकारी स्कूलों में बच्चों से पढ़ाई के नाम पर साफ-सफाई व झाड़ू लगवाने की तस्वीरे देखने के बाद पूर्वी दिल्ली एमसीडी को कड़ी फटकार लगाई है।
अदालत ने कहा कि माता-पिता गरीबी के कारण अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाई के लिए भेजते हैं लेकिन उनसे वहां झाड़ू लगवाई जाती है और सफाई करवाई जाती है। अदालत ने कहा क्या इन स्कूलों में कभी पढ़ाई होती है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल व न्यायाधीश सी. हरि शंकर के समक्ष एक मामले में बच्चों से झाडू लगवाने की तस्वीरे पेश की गई। अदालत ने हैरानी जताते हुए एमसीडी अधिकारियों व स्कूल प्रधानाचार्य से पूछा कि क्या इन स्कूलो में कभी पढ़ाई होती है। क्या हम छात्रों को बुलाकर पूछें। आप इन छात्रों को इस तरह पढ़ाते हैं। स्कूल आने वाले बच्चों के हाथों में झाड़ू हैं। क्या स्कलों का निरीक्षण करवाएं।
'स्कूलों में शौचालयों का क्या हाल है'
खंडपीठ ने उनसे पूछा कि स्कूल इतना गंदा कैसे हो गया। इन स्कूलों में शौचालयों का क्या हाल है। इन स्कूलों की हालत अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। क्या आप शौचालयों का निरीक्षण नहीं करते।
प्रधानाचार्य व निरीक्षक अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी पूर्वी दिल्ली व उत्तरी दिल्ली नगर निगम के स्कूलों में झाड़ू लगाते बच्चों की तस्वीरें देखने के बाद की है।
कोर्ट के समक्ष एनजीओ जस्टिस फोर ऑल की याचिका पर बहस करते हुए अधिवक्ता खगेश झा ने कहा कि स्कूलों से बदबू आती है क्योंकि यहां नियमित रूप से कूड़ा नहीं उठाया जाता है। कोर्ट ने याची से ऐसे लोगों की सूची मांगी है जो स्कूल में जाकर औचक निरीक्षण कर सकते हैं। मामले की अगली सुनवाई 19 सितंबर तय की गई है।