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Delhi NCR News: हाईकोर्ट ने डूसू चुनाव में ईवीएम संरक्षण का दिया आदेश
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- एनएसयूआई ने ईवीएम में छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए दायर की है याचिका
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने सोमवार को हाल में हुए डूसू चुनाव में इस्तेमाल ईवीएम को संरक्षित करने का आदेश दिया है। अदालत कांग्रेस की छात्र शाखा नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। एनएसयूआई ने ईवीएम में छेड़छा़ड़ का आरोप लगाया है।
न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा ने एनएसयूआई नेताओं रौनक खत्री और जोसलिन नंदिता चौधरी द्वारा दायर याचिका पर दिल्ली विश्वविद्यालय को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने कहा, वर्तमान रिट याचिका में अध्यक्ष पद के लिए मतदान प्रक्रिया को रद्द करने और इसे निरस्त करने की मांग की गई है, क्योंकि ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए हैं। अदालत ने अंतरिम रूप से डीयू द्वारा नियुक्त मुख्य निर्वाचन आयुक्त को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मतदान और मतगणना के लिए उपयोग की गई ईवीएम, सभी पेपर ट्रेल और दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएं। रौनक खत्री डूसू के पूर्व अध्यक्ष हैं, जबकि जॉसलिन नंदिता चौधरी इस वर्ष अध्यक्ष पद की उम्मीदवार थीं। वे एबीवीपी के उम्मीदवार आर्यन मान के डूसू अध्यक्ष के रूप में चुने जाने को चुनौती दे रहे हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने इन आरोपों को खारिज किया। उन्होंने तर्क दिया कि जिन कॉलेजों में छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है, उन्हें इस मामले में पक्षकार नहीं बनाया गया है न ही विजयी उम्मीदवार को प्रतिवादी के रूप में शामिल किया गया है।
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याचिका में, एनएसयूआई नेताओं ने 18 सितंबर को हुए चुनाव को रद्द करने और ईवीएम को संरक्षित करने की मांग की है। उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए नए सिरे से मतदान का आदेश देने की भी मांग की है। याचिका के अनुसार, ईवीएम में एबीवीपी उम्मीदवार के नाम के खिलाफ नीले स्याही के निशान लगाकर छेड़छाड़ की गई, जिससे मतदाताओं को प्रभावित किया गया। इस मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने सोमवार को हाल में हुए डूसू चुनाव में इस्तेमाल ईवीएम को संरक्षित करने का आदेश दिया है। अदालत कांग्रेस की छात्र शाखा नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। एनएसयूआई ने ईवीएम में छेड़छा़ड़ का आरोप लगाया है।
न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा ने एनएसयूआई नेताओं रौनक खत्री और जोसलिन नंदिता चौधरी द्वारा दायर याचिका पर दिल्ली विश्वविद्यालय को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने कहा, वर्तमान रिट याचिका में अध्यक्ष पद के लिए मतदान प्रक्रिया को रद्द करने और इसे निरस्त करने की मांग की गई है, क्योंकि ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए हैं। अदालत ने अंतरिम रूप से डीयू द्वारा नियुक्त मुख्य निर्वाचन आयुक्त को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मतदान और मतगणना के लिए उपयोग की गई ईवीएम, सभी पेपर ट्रेल और दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएं। रौनक खत्री डूसू के पूर्व अध्यक्ष हैं, जबकि जॉसलिन नंदिता चौधरी इस वर्ष अध्यक्ष पद की उम्मीदवार थीं। वे एबीवीपी के उम्मीदवार आर्यन मान के डूसू अध्यक्ष के रूप में चुने जाने को चुनौती दे रहे हैं।
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दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने इन आरोपों को खारिज किया। उन्होंने तर्क दिया कि जिन कॉलेजों में छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है, उन्हें इस मामले में पक्षकार नहीं बनाया गया है न ही विजयी उम्मीदवार को प्रतिवादी के रूप में शामिल किया गया है।
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याचिका में, एनएसयूआई नेताओं ने 18 सितंबर को हुए चुनाव को रद्द करने और ईवीएम को संरक्षित करने की मांग की है। उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए नए सिरे से मतदान का आदेश देने की भी मांग की है। याचिका के अनुसार, ईवीएम में एबीवीपी उम्मीदवार के नाम के खिलाफ नीले स्याही के निशान लगाकर छेड़छाड़ की गई, जिससे मतदाताओं को प्रभावित किया गया। इस मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।