{"_id":"5f2840328ebc3e63da159761","slug":"high-court-may-direct-delhi-government-for-the-rapid-antigen-test-in-national-capital","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली में रैपिड एंटीजन टेस्ट निरंतर होंगे या नहीं, हाईकोर्ट दिल्ली सरकार को दे सकती है निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली में रैपिड एंटीजन टेस्ट निरंतर होंगे या नहीं, हाईकोर्ट दिल्ली सरकार को दे सकती है निर्देश
Mon, 03 Aug 2020 10:38 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Mon, 03 Aug 2020 10:38 PM IST
विज्ञापन
दिल्ली उच्च न्यायालय (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिए शुरू की गई रैपिड एंटीजन टेस्टिंग के नतीजे नकारात्मक और गलत आने के मुद्दे पर हाईकोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगी।
विज्ञापन
सुनवाई में हाईकोर्ट दिल्ली में रैपिड एंटीजन टेस्ट के जारी रखने या ना रखने के संबंध में निर्णय दे सकती है। इससे पहले हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए आईसीएमआर दिशानिर्देशों को सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति हिमा कोहली और सुब्रह्मण्यम प्रसाद की पीठ इस याचिका पर दिल्ली सरकार के जवाब पर संज्ञान लेगी। इस मामले में 27 जुलाई को पीठ ने दिल्ली सरकार से पूछा था कि जब रैपिड एंटीजन टेस्ट के नतीजे नकारात्मक हैं तो इस टेस्ट को क्यों करवाया जा रहा है।
विज्ञापन
कोर्ट ने कहा था कि जब कोरोना संक्रमण के प्राथमिक नतीजे रैपिड एंटीजन टेस्ट में गड़बड़ आ रहे हैं तो इसकी क्या आवश्यकता है? पीठ ने स्पष्ट किया था कि दिल्ली सरकार भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा जारी दिशानिर्देशों का सख्ती से अनुपालन करे और इस संबंध में अपने मन मुताबिक कार्य नहीं करे।
हालांकि इस बीच दिल्ली सरकार के वकील सत्यकाम ने पीठ से कहा था कि स्वास्थ्य विभाग आईसीएमआर के उन दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन कर रहा है, जिनमें कहा गया है कि रैपिड एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट जिन लोगों की निगेटिव आएगी और उनमें इंफ्लुएंजा जैसे लक्षण दिखेंगे, उनकी आरटी-पीसीआर जांच कराई जाए।
लेकिन आईसीएमआर से डॉ. निवेदिता गुप्ता ने पीठ से कहा कि आईसीएमआर ने कभी नहीं कहा कि रैपिड एंटीजन टेस्ट में निगेटिव रिपोर्ट आने वाले कोविड-19 के गैर लक्षण वाले मरीज को आरटी-पीसीआर जांच नहीं करानी होगी। इस पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार पर नाराजगी जाहिर की थी।