फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   high court made three member committee to investigate on fights with prisoners in tihad jail

राजधानी की जेल में होती है मारपीट तो अन्य जेलों में क्या होता होगाः हाईकोर्ट

Tue, 28 Nov 2017 10:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 28 Nov 2017 10:53 AM IST
विज्ञापन
high court made three member committee to investigate on fights with prisoners in tihad jail
tihar jail

हाईकोर्ट ने तिहाड़ जेल में कैदियों से मारपीट की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए चिंता जाहिर की है। कोर्ट ने इन घटनाओं की पड़ताल के तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिये 19 दिसंबर की तारीख तय की है।

विज्ञापन


कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ ने तिहाड़ की जेल नंबर एक में हाई रिस्क वार्ड में बंद कैदियों से 21 नवंबर की रात मारपीट की घटना को विचलित करने वाली बताया है।
विज्ञापन


खंडपीठ ने कहा अगर राजधानी की जेल में यह हालात हैं तो दूसरे स्थानों पर क्या होता होगा। यह पूरी तरह अनुचित है और इस सिलसिले में कुछ करने की जरूरत है। यह गंभीर मामला और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिये।

विज्ञापन
विज्ञापन

'जेल में शाहिद यूसुफ समेत समुदाय विशेष के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है'

high court made three member committee to investigate on fights with prisoners in tihad jail
demo pic

कोर्ट ने जिला जज की अगुवाई में तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है। यह कमेटी 18 कैदियों से मारपीट की घटना की जांच करेगी। कोर्ट ने यह कमेटी सैयद सलाउद्दीन के बेटे शाहिद यूसुफ के वकील चिनमय कनौजिया की याचिका पर सुनवाई करते हुये बनाई है।

शाहिद को एनआई ने 24 अक्तूबर को गिरफ्तार किया था और वह न्यायिक हिरासत में है। याचिका दायर करने वाले एक अन्य वकील जवाहर राजा का दावा है कि जेल में शाहिद यूसुफ समेत समुदाय विशेष के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

कोर्ट ने 22 नवंबर को मारपीट की घटना सामने आने के बाद वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी को जेल निरीक्षण का निर्देश दिया था। कोर्ट के निर्देश पर न्यायिक अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कैदियों से बुरी तरह मारपीट होने बात मानी है।

इस रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुये खंडपीठ ने कहा कि इन 18 कैदियों को एम्स में इलाज के लिये भेजा जाये। चिकित्सा अधीक्षक इन कैदियों के चोटों व इलाज की रिपोर्ट जांच समिति को सौंपेगा। कोर्ट ने जेल में मारपीट की घटना की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश जेल अधिकारियों व जांच समिति को दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed