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दिल्ली: हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब, स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका
Tue, 22 Feb 2022 08:18 PM IST
सुशील कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार
Updated Tue, 22 Feb 2022 08:18 PM IST
सार
याची ने सरकार के इस कदम को अनुच्छेद-21 के तहत छात्रों की गोपनीयता और उनकी गरिमा के संरक्षण के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए सरकार के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है।
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
उच्च न्यायालय ने सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने यह नोटिस दिल्ली अभिभावक संघ और सरकारी स्कूल शिक्षक संघ की याचिका पर जारी किया है।
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याची ने सरकार के इस कदम को अनुच्छेद-21 के तहत छात्रों की गोपनीयता और उनकी गरिमा के संरक्षण के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए सरकार के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है। याची ने दावा किया कि सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और इसके परिणामस्वरूप अनाधिकृत व्यक्तियों को फुटेज की लाइव-स्ट्रीमिंग छात्रों की निजता के अधिकार का उल्लंघन करेगी। याचिका में कहा गया है कि कैमरे लगाने और किसी भी वर्ग की फुटेज का उपयोग करने का कैबिनेट का फैसला अनुच्छेद-14, 19 और 21 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
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याची ने कहा जिन छात्रों को इन कैमरों में कैद किया जाएगा और उनके माता-पिता से सलाह नहीं ली गई। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ऐसी सहमति एक बार की बात नहीं हो सकती है, बल्कि इसे सूचित और विशिष्ट करने की आवश्यकता है। इसके अलावा, यह कहा गया है कि नागरिकों के डेटा की सुरक्षा के लिए डेटा सुरक्षा व्यवस्था या किसी अन्य वैधानिक/नियामक ढांचे की पूर्ण अनुपस्थिति के आलोक में, निजी कंप्यूटरों पर उस डेटा को प्राप्त करने और फिर संग्रहीत करने का दोहरा कार्य खतरे से भरा है और इस प्रकार उल्लंघन करता है।
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