मानसून से पहले साफ हों दिल्ली के सभी नाले, वरना...: हाईकोर्ट
सबहैड
हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार और सभी स्थानीय निकायों को दिया निर्देश
प्वाइंटर
21 मई से पूर्व अदालत के समक्ष रिपोर्ट व प्रमाणपत्र जमा कराना जरूरी
जिम्मेदारी से काम नहीं करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
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विस्तार
अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि इसके बावजूद कोई परेशानी आती है तो संबंधित अधिकारी को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। न्यायमूर्ति एस. रविंद्र भट्ट की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राजधानी में जलभराव व मानसून में सड़कों की खस्ताहाल सड़कों के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार, तीनों एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली छावनी बोर्ड व अन्य को मानसून से पूर्व ही यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि नालों की सफाई व सड़क के गड्ढ़े भरे जाने चाहिए।
खंडपीठ ने कहा हमें मानसून से पहले यानी अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। कार्यकारी व जोनल अभियंता व अन्य अधिकारी बताए गए सभी प्रमुख 160 नालों के अलावा सड़कों का निरीक्षण करें।
नाले का अलग से प्रमाणपत्र चाहिए
वे साफ सफाई करवाने के बाद हर नाले का एक प्रमाणपत्र अदालत को दें कि काम पूरा हो चुका है। अदालत ने कहा हमें हर नाले का अलग से एक-एक प्रमाणपत्र चाहिए। इस काम में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अदालत को बताया गया कि उपराज्यपाल ने संयुक्त कमेटी का गठन किया था और सभी अधिकारी तय समय में निरीक्षण कर कमेटी को प्रमाणपत्र देंगे और कमेटी अदालत के समक्ष प्रमाणपत्र जमा करवाएंगी।
खंडपीठ ने कहा कि कमेटी नालों की ही नहीं बल्कि सभी सड़कों का भी निरीक्षण करें और गड्ढ़ों को भरवाएं। इसके अलावा खुले मेनहोल आदि पर भी काम करें। अदालत ने कहा सभी अधिकारी मिलकर 17 मई को बैठक करें और 21 मई से पूर्व अदालत के समक्ष रिपोर्ट व प्रमाणपत्र जमा होने चाहिए।