आईपीएस अधिकारी के ऑफिस में खुफिया कैमरा मिलने से हड़कंप
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दिल्ली में एक आईपीएस अधिकारी के ऑफिस में खुफिया कैमरा मिलने से खलबली मच गई। एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रमुख मुकेश कुमार मीणा के कमरे में यह खुफिया कैमरा लगाया गया था।
असल में शुक्रवार को मीणा जब विकास भवन स्थित अपने ऑफिस पहुंचे तो उन्हें इस खुफिया कैमरे के बारे में पता चला। इसके बाद तुरंत ही इसकी जानकारी उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी।
बताया जा रहा है कि मीणा के ऑफिस में पेन के आकार में खुफिया कैमरा लगाया गया था। दिल्ली सरकार और एलजी के बीच मची खिंचतान के चलते अभी तक मुकेश कुमार मीणा को उनका ऑफिस नहीं मिल पाया है। फिलहाल वह दूसरे अधिकारी के कमरे में बैठते हैं।
बता दें कि दिल्ली में एसीबी के प्रमुख को लेकर उपराज्यपाल नजीब जंग और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच विवाद मीणा की नियुक्ति के दिन से चल रहा है। दिल्ली सरकार ने तो मीणा को एसीबी में अपना पद ग्रहण करने की बजाय दिल्ली पुलिस में वापस जाने का फरमान सुना दिया था।
मीणा पर पहले से चल रहा विवाद
बता दें कि 21 मई को केंद्र सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर यह स्पष्ट किया था कि दिल्ली का एंटी करप्शन ब्यूरो केंद्र सरकार के अधिकारियों की जांच नहीं कर सकता जिसके बाद दिल्ली सरकार ने इस नोटिफिकेशन को अदालत में चुनौती दी है।
इस नोटिफिकेशन के बाद दिल्ली सरकार ने एंटी करप्शन ब्यूरो में नियुक्ति के लिए बिहार सरकार से कुछ पुलिस अधिकारियों की मांग की। साथ ही एसएस यादव को एसीबी का प्रमुख नियुक्त कर दिया।
इस नियुक्ति के बाद उपराज्यपाल नजीब जंग ने आम आदमी पार्टी की सरकार को तगड़ा झटका देत हुए दिल्ली पुलिस के सात इंस्पेक्टरों को भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) में भेजने के साथ-साथ मौजूदा चीफ एसएस यादव के ऊपर संयुक्त पुलिस आयुक्त मुकेश मीणा को बिठा दिया था।
इसके साथ ही दिल्ली में सरकार और राजभवन के बीच विवाद का एक नया दौर शुरु हो गया। दिल्ली सरकार ने एलजी द्वारा नियुक्त एसीबी प्रमुख की नियुक्ति को अस्वीकार करते हुए उन्हें ऑफिस में न आने का आदेश सुना दिया। दिल्ली सरकार ने एलजी के आदेश के बाद एक चिट्ठी लिखते हुए मुकेश कुमार मीणा को दिल्ली पुलिस में वापस जाने को कहा। हालांकि मीणा ने इस आदेश को नहीं माना।