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बुराड़ी अस्पताल में यौन उत्पीड़न: मंत्री-मुख्य सचिव में ATR को लेकर गरमाई राजनीति, भारद्वाज ने लगाया ये आरोप
Tue, 26 Dec 2023 12:10 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 26 Dec 2023 12:10 AM IST
सार
मंत्री का कहना है कि मुझे जानकारी मिली कि मुख्य सचिव नरेश कुमार से एटीआर प्राप्त हुई है। यह बहुत आश्चर्य की बात है कि नरेश कुमार के कार्यालय ने एटीआर को मीडिया में लीक कर दिया। इससे नरेश कुमार की राजनीतिक निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है।
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सौरभ भारद्वाज
- फोटो : एएनआई
विस्तार
बुराड़ी अस्पताल में कथित यौन उत्पीड़न मामले में एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) को लेकर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज और मुख्य सचिव नरेश कुमार के बीच राजनीति गरमा गई है। इस मामले में मुख्य सचिव नरेश कुमार ने मंत्री को पांच पेज की रिपोर्ट सौंपी है।
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उक्त रिपोर्ट में कहा गया है कि मंत्री ने रविवार को जो सवाल उठाए थे, उसके संबंध में बिंदुवार तर्कसंगत प्रतिक्रिया और रिपोर्ट दी गई है। यह रिपोर्ट गोपनीय होती है, लेकिन आम आदमी पार्टी ने इस रिपोर्ट से संबंधित मंत्री के पत्र को सोशल मीडिया पर वायरल किया। उसके बाद इस पत्र को ईमेल से मुख्य सचिव कार्यालय भेजा गया। वहीं 25 दिसंबर को सुबह 10:10 बजे मुख्य सचिव को भौतिक रूप से वितरित किया गया। मुख्य सचिव कार्यालय ने इसे राजनीतिक स्टंट बताया है। वहीं मुख्य सचिव कार्यालय के बयान पर मंत्री सौरभ भारद्वाज ने भी निशाना साधा है।
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इस मामले में मंत्री का कहना है कि मुझे जानकारी मिली कि मुख्य सचिव नरेश कुमार से एटीआर प्राप्त हुई है। यह बहुत आश्चर्य की बात है कि नरेश कुमार के कार्यालय ने एटीआर को मीडिया में लीक कर दिया। इससे नरेश कुमार की राजनीतिक निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है। मीडिया में रिपोर्ट लीक करने के लिए उनके और उनके साथ काम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। उक्त रिपोर्ट में बुराड़ी अस्पताल की आंतरिक शिकायत समिति की रिपोर्ट भी शामिल है। इस रिपोर्ट को लीक करने से उन महिला कर्मियों के खिलाफ पूर्वाग्रह पैदा होगा, जिन्होंने यौन उत्पीड़न की शिकायत की। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव कार्यालय ने पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी। इससे पुलिस की जांच भी संदेश में आएगी। इससे जुड़ी जांच अभी शुरुआती चरण में है। इससे आरोपी को बल मिल सकता है।
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19 दिसंबर का है मामला
रिपोर्ट में कहा गया है कि मामला 19 दिसंबर का है और उसी दिन बुराड़ी पुलिस थाने में इस मामले में रिपोर्ट भी दर्ज कर ली थी। फिलहाल मामले पर जांच चल रही है। इस मामले में दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (लॉ एंड ऑडर) को कानून के तहत निगरानी करने का आदेश दिया गया है। इस मामले में पीड़ित के बयान दर्ज हो गए हैं। साथ ही बुराड़ी अस्पताल ने इस मामले की जांच के लिए आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) भी बना दी है। 25 दिसंबर को समिति की बैठक हुई। बैठक में 54 महिला कर्मचारियों से पूछताछ हुई। इसमें यह भी बताया गया कि चारों आरोपियों को पहले ही कंपनी ने नौकरी से हटा दिया। समिति ने पुलिस को सभी सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।