Delhi: महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न का मामला, बृजभूषण के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर 26 अगस्त से होगी सुनवाई
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट हरजीत सिंह जसपाल ने 20 जुलाई को सिंह और भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के निलंबित सहायक सचिव विनोद तोमर को जमानत दे दी थी।
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दिल्ली की एक अदालत महिला पहलवानों द्वारा उनके खिलाफ दर्ज कराए गए कथित यौन उत्पीड़न मामले में डब्ल्यूएफआई के पूर्व प्रमुख और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय करने के बारे में बहस 26 अगस्त को फिर से शुरू करेगी। जिस मामले की सुनवाई शनिवार को होनी थी, उसे एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया क्योंकि इसकी सुनवाई करने वाले न्यायाधीश छुट्टी पर थे।
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट हरजीत सिंह जसपाल ने 20 जुलाई को सिंह और भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के निलंबित सहायक सचिव विनोद तोमर को जमानत दे दी थी।
दिल्ली पुलिस ने छह बार के सांसद के खिलाफ 15 जून को धारा 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल), 354 ए (यौन उत्पीड़न), 354 डी (पीछा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप पत्र दायर किया था।