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ईरान से छात्रों को वापस लाने वाली याचिका पर आज सुनवाई

Wed, 18 Mar 2020 06:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 18 Mar 2020 06:29 AM IST
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Hearing on plea for return of students from Iran today
दिल्ली उच्च न्यायालय

हाईकोर्ट ने कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव के मद्देनजर ईरान में फंसे भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। बुधवार को इस पर सुनवाई होगी।

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यह याचिका उन विद्यार्थियों के माता-पिता की ओर से सामाजिक न्याय की वकील फौजिया रहमान के माध्यम से हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के समक्ष मंगलवार को दायर की गई। इसमें कहा गया है ईरान में पढ़ाई करने वाले भारतीय परिवारों के बच्चे अभी भी वहां फंसे हुए हैं। वहां पर कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार को आदेश दिए जाएं कि वह विद्यार्थियों को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए उचित परिवहन की व्यवस्था करे।
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याचिका में कहा गया है कि महामारी के कारण परिवहन व्यवस्था पर लगे प्रतिबंध के कारण उनके बच्चे वापस भारत लौटने में असक्षम हैं। इसलिए उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए फ्लाइट्स आदि की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही यह भी मांग की गई है ईरान में फंसे छात्रों को मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए भी सरकार को निर्देश दिए जाएं।

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एक कमरे में बैठाए गए 12 परीक्षार्थी

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के आदेश पर मंगलवार को परीक्षा केंद्रों में एक-एक कमरे में 12-12 छात्रों ने परीक्षा दी। सीबीएसई ने बीते सोमवार को केंद्र अधीक्षकों को आदेश दिया था कि छात्रों को एक-एक मीटर की दूरी पर बैठाया जाए। अब तक एक कमरे में 24 छात्रों को बैठाने की व्यवस्था थी। बोर्ड ने एहतियातन यह कदम उठाने के लिए कहा था। मालूम हो कि इससे पहले बोर्ड ने परीक्षा सेंटरों पर बच्चों को सैनिटाइजर लाने व मास्क लगाकर आने की छूट दी थी।

सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि सात ऐसे विषयों की परीक्षा होनी बाकी है, जिसमें देश-विदेश से एक लाख विद्यार्थी बैठेंगे। इनमें से मुख्य विषयों की परीक्षाएं 18, 20, 21, 23 व 24 को होनी है। बाकी विषयों में तीन हजार से 58 हजार तक बच्चे परीक्षा देंगे।10वीं के सभी मुख्य विषयों की परीक्षाएं बुधवार को सोशल साइंस की परीक्षा के साथ समाप्त हो जाएंगी। 

कोरोना की रोकथाम के मद्देनजर बोर्ड ने केंद्र अधीक्षकों को कहा है कि यदि कमरे का आकार कम हो या कमरे की संख्या कम हो तो बच्चों को बैठाने की व्यवस्था लाइब्रेरी, सभागार और लैब में भी की जा सकती है। केंद्र अधीक्षक परीक्षा ड्यूटी के समय अपने मुंह को मास्क या रूमाल से ढक कर रखें। यदि किसी बच्चे को खांसी-जुकाम है और वह परीक्षा के दौरान छींकता या खांसता है तो उसके लिए तत्काल अलग कमरे की व्यवस्था की जाए। शौचालयों को सैनिटाइज किया जाए। यह भी देखा जाए कि परीक्षा से पहले और बाद में छात्र समूह में एकत्र होकर खड़े ना हों।

स्वामी दयानंद अस्पताल में इस्तेमाल हो रहे थे एक्सपायर सैनिटाइजर
 पूर्वी दिल्ली के दिलशाद गार्डन में बने स्वामी दयानंद अस्पताल में एक्सपायर सैनिटाइजर का प्रयोग किया जा रहा है। अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे विनोद ने बताया कि उनकी पत्नी की मंगलवार को डिलीवरी थी। जब वह अस्पताल पहुंचे तो वहां उन्होंने सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया। आरोप है कि वहां रखा सैनिटाइजर सात माह पहले एक्सपायर हो चुका था। अस्पताल में रखे अधिकतर सैनिटाइजर ऐसे ही थे। इस बात की जानकारी जब इलाके की निगम पार्षद को मिली तो उन्होंने अस्पताल जाकर लोगों को इससे अवगत कराया और सैनिटाइजरों को अपने कब्जे में ले लिया। इस मामले में अभी तक अस्पताल प्रशासन का कोई जवाब नहीं आया है। 

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