बिल्डरो पर लगाम कसना पड़ा महंगा, हुआ ट्रांसफर
यमुना प्राधिकरण के पूर्व सीईओ संतोष यादव को बिल्डरों पर लगाम कसना भारी पड़ गया। आलाकमान ने सोमवार को संतोष यादव का ट्रांसफर कर दिया।
हालांकि, अभी उन्हें वेटिंग में डाला गया है। बताया जा रहा है कि बिल्डरों पर 1500 करोड़ रुपये का बकाया वसूलने के नोटिस देने पर यह कार्रवाई की गई है।
तीन माह पहले यमुना प्राधिकरण में सीईओ का पद संभालने वाले संतोष यादव की रवानगी सोमवार को यहां से हो गई। वह गाजियाबाद प्राधिकरण के वीसी पद से यहां बुलाए गए थे।
आलाकमान को रास नहीं आया अधिकारी
यहां आने के बाद वो तेजी से योजनाओं को अमली जामा पहनाने में लगे हुए थे। उनके कार्यकाल में तीन महीने में प्राधिकरण ने बकाया 3200 करोड़ रुपये में से 500 करोड़ रुपये का मूलधन चुका दिया था।
प्राधिकरण के नए सीईओ बनने पर संतोष यादव पर किसानों को 64.7 फीसदी मुआवजा देने का भी दबाव बढ़ता जा रहा था। इसको लेकर प्राधिकरण ने बिल्डरों पर बकाया 1500 करोड़ रुपये वसूलने के लिए नोटिस जारी किया था।
बताया जाता है कि इस दबाव का असर विपरीत रूप से पड़ा और आलाकमान से उनका ट्रांसफर लेटर आ गया।