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हरियाणा: नौ गायों से खड़ा किया तीन करोड़ का सालाना कारोबार, 15 देशों में घी की मांग; 300 किलो लड्डुओं के ऑर्डर

Fri, 06 Nov 2026 05:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा कृष्ण कुमार, बहादुरगढ़
कृष्ण कुमार, बहादुरगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 06 Nov 2026 05:12 AM IST
सार

आज उनके घी की मांग 15 देशों में है। दिवाली से पहले 300 किलो लड्डुओं के ऑर्डर मिले हैं। नौ गायों से शुरू हुआ कारोबार 300 गायों व 3 करोड़ रुपये से अधिक के सालाना कारोबार तक पहुंच गया है।

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Haryana: Built a ₹3 crore annual business from just nine cows
रेणु सांगवान

विस्तार

गांव खरमाण की रेणु सांगवान ने कोरोना काल में दूध की बिक्री बंद होने पर बिलौना विधि से देसी घी बनाना शुरू किया। आज उनके घी की मांग 15 देशों में है। दिवाली से पहले 300 किलो लड्डुओं के ऑर्डर मिले हैं। नौ गायों से शुरू हुआ कारोबार 300 गायों व 3 करोड़ रुपये से अधिक के सालाना कारोबार तक पहुंच गया है।

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रेणु के पति कृष्ण कुमार ने 2016 में नौ गायों से डेयरी शुरू की थी, लेकिन अगले साल उनका निधन हो गया। दोनों बेटों की जिम्मेदारी के साथ रेणु ने डेयरी संभाली। कोरोना में दूध नहीं बिका तो घी बनाकर सोशल मीडिया पर प्रचार किया। 2021 में अमेरिका से 10 किलो का पहला विदेशी ऑर्डर मिला।
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कुछ माह पहले सोनीपत के भटगांव स्थित धर्मार्थ गोशाला में हुए समारोह में गोकुल फार्म खरमान की संस्थापक रेणु सांगवान को गोसेवा और देशी नस्ल की गायों के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए सर्वोच्च गोसेवा सम्मान से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें प्रदान किया।
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सम्मान स्वरूप उन्हें 51 हजार रुपये की राशि और स्मृति चिह्न भी भेंट किया। रेणु सांगवान ने अपने स्वर्गीय पति कृष्ण कुमार के सपने को आगे बढ़ाते हुए एक छोटी डेयरी को आज बड़े और सफल फार्म में बदल दिया है। वर्ष 2016 में पति ने घर में करीब 350 वर्ग गज जगह पर 9 गायों के साथ डेयरी की शुरुआत की थी।

रेणु सांगवान ने बताया कि उस समय बेटा विनय सांगवान दिल्ली में अपने मामा के पास पढ़ाई कर रहा था। वहां गुणवत्तायुक्त दूध और घी की कमी महसूस होने पर और गोमाता के संरक्षण के उद्देश्य से पति ने यह कदम उठाया था। वर्ष 2017 में पति के निधन के बाद परिवार पर कठिन समय आ गया।

रेणु ने हार मानने के बजाय पति के सपने को ही अपना संकल्प बना लिया। उन्होंने धीरे-धीरे गायों की संख्या बढ़ाई और डेयरी को आगे बढ़ाने में पूरा ध्यान लगाया। इस सफर में उनके दोनों बेटों ने भी उनका पूरा साथ दिया। बड़ा बेटा फार्म पर उनका हाथ बंटाता है जबकि छोटा बेटा विनय सांगवान पशु चिकित्सक है।


आज उनका डेयरी फार्म 350 वर्ग गज से बढ़कर करीब 4 एकड़ में फैल चुका है और यहां लगभग 270 देसी गाय हैं। उनके फार्म का दूध करीब 150 रुपये प्रति लीटर और वैदिक पद्धति से तैयार बिलोना घी लगभग 3500 रुपये प्रति किलो के भाव से बिकता है।
 

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