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शिक्षक दिवस: राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलने पर बोले मनोज कुमार- छात्रों की कामयाबी ही मेरा अवॉर्ड
Sat, 05 Sep 2020 04:35 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम
अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sat, 05 Sep 2020 04:35 PM IST
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जिला शिक्षा अधिकारी इंदु बोकन के साथ मनोज कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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शिक्षक दिवस के मौके पर गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल बजघेड़ा (गुरुग्राम) के शिक्षक मनोज कुमार को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा वर्चुअल तरीके से जिला मुख्यालय में ही दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी इंदु बोकन ने उन्हें पुरस्कृत किया।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को देशभर के 47 शिक्षकों को यह पुरस्कार देकर सम्मानित किया। राष्ट्रपति कोविंद ने शिक्षकों को लगातर प्रयासरत रहने की सीख दी। उन्हों शिक्षकों को कोरोना काल में भी शिक्षा के स्तर को बनाए रखने के लिए जागरुक किया।
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प्रदेशभर से मनोज का चयन इस पुरस्कार के लिए किया गया था। उनका अध्यापन क्षेत्र में 20 वर्ष का अनुभव हो चुका है। वर्ष-2001 से 2019 तक मनोज कुमार हिंदी अध्यापक रहे और 2019 में वे मौलिक मुख्याध्यापक पदोन्नत हुए।
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मनोज ने राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस पुरस्कार का श्रेय अपने छात्रों व अपने शिक्षकों को देना चाहते हैं। इसके साथ ही अपने पिता सूरज सिंह पहलवान को भी श्रेय देते हैं।
मनोज ने बताया कि शिक्षक बनना केवल सफल होना नहीं होता बल्कि एक शिक्षक तभी सफल होता है जब उसके विद्यार्थी सफल होते हैं। इसके लिए सर्वांगिण विकास जरूरी है। छात्र को लीक से हटकर विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की भी जानकारी हो।
उन्होंने बताया कि उन्होंने छात्रों के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारा है वहीं छात्र की कुछ नया सीखने की ललक ने उनकी प्रतिभा को निखारा है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार मेरे और मेरे छात्रों की मेहनत है। छात्रों की प्रतिभा निखारना ही मेरा लक्ष्य है।
जीवन में बहुत स्पीड ब्रेकर आए हैं, लेकिन मेरे विश्वास ने मुझे जीत दिलाई है। हर काम को लीक से हटकर नएपन के साथ करना, नई खोज पैदा करता है। बच्चों को शिक्षा देना अलग है और सिखाना अलग। मैं जीवन भर प्रतिभाओं को निखारना चाहता हूं।
मनोज ने किए हैं कई सराहनीय कार्य
-छात्रों के साथ मिलकर मिड-डे मील, हरियाणा ऐप बनाया।
-समग्र मूल्यांकन ऐप, फीस रजिस्ट्रार ऐप, फण्ड व स्टॉक रजिस्टर ऐप, स्कॉउट व गाईड ऐप, प्रगति पथ एप्प को तैयार किया।
-ई मैगजीन, ब्लॉग एजुकेशनल गेम्स, सरकारी विद्यालयों की गूगल मैपिंग का कार्य किया।
-सोलर प्लेट समर हेलमेट मॉडल, इंटैलिजेंट कार, मल्टीपर्पस बाल्टी, प्रदूषण रहित सोलर चुल्हा, इंटेलिजेंट ईरिगेशन सिस्टम जैसे कई अन्य विज्ञान मॉडल बनाए।