कौन है दिव्या का कातिल अभिजीत: कत्ल के समय नशे में था धुत, 24 घंटे बाद आया होश; पुलिस की एक चूक और लाश गायब
Divya Pahucha Murder Case: पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या की वारदात दो जनवरी की शाम पांच बजे हुई। उस दौरान अभिजीत नशे में धुत था। पुलिस की माने तो हिरासत में लिए जाने के करीब 24 घंटे बाद अभिजीत पूरी तरह से होश में आया। वह पढ़ा लिखा है और हाई प्रोफाइल जीवन जीता है।
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मॉडल दिव्या पहुजा की हत्या का मुख्य आरोपी होटल संचालक अभिजीत न केवल सूखे नशे का आदी है, बल्कि वह अपने फार्म हाउस में जहरीले सांप भी पालता है। पुलिस की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है। पुलिस को यह भी पता चला है कि दिव्या और अभिजीत के बीच दोस्ती कराने में गैंगस्टर बिंदर गुर्जर की अहम भूमिका रही है। दिव्या ने उसकी बात जेल में बंद बिंदर गुर्जर से कराई थी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन दिनों अभिजीत डिप्रेशन में चल रहा था। इसकी वह दवा भी खाता था। दिव्या के माथे पर उसने एक गोली मारी है। उसका पंजाब से भी कनेक्शन है। जिससे माना जा रहा है कि उसका नशे का सामान वहां से दोस्तों की ओर से आता था। साइबर सिटी में सांप के मामले में अभी तक गुरुग्राम से एल्विश का नाम सामने आया था। अब दूसरा नाम अभिजीत का सामने आ रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि नशे के लिए ही उसने जहरीले सांप पाल रखे हैं।
हत्या के समय नशे में धुत था आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या की वारदात दो जनवरी की शाम पांच बजे हुई। उस दौरान अभिजीत नशे में धुत था। पुलिस की माने तो हिरासत में लिए जाने के करीब 24 घंटे बाद अभिजीत पूरी तरह से होश में आया। वह पढ़ा लिखा है और हाई प्रोफाइल जीवन जीता है। किसी समय हिसार की सबसे बड़ी कंपनी में अच्छे पद पर तैनात था। अब उसका परिवार वहां पर नहीं रहता। मौजूदा समय में दिल्ली के साउथ एक्सटेंशन में जिस मकान में वह रहता है, वह मकान उसकी मां के नाम पर है।
पुलिस की लापरवाही से दिव्या नहीं मिला दिव्या का शव
दिव्या की हत्या मंगलवार शाम करीब पांच बजे हुई थी। उसके बाद उसका शव ठिकाने पर लगाने के लिए अभिजीत ने अपने स्तर पर प्रयास शुरू किया। उसने दो होटल कर्मचारियों की मदद भी ली। बाद में यह बात उसने होटल लीज पर लेने वाले अनूप मेहता से कही। जिसके बाद अनूप ने किसी भी तरह की मदद से साफ इनकार कर दिया था। अनूप ने ही रात करीब नौ बजे डायल 112 पर फोन कर होटल में लाश होने की जानकारी दी। उसके बाद पुलिस टीम होटल पहुंची, मगर कमरा नंबर 114 देखकर वापस चली गई।
पुलिस उस दौरान दिव्या पहुजा के नाम से बुक 111 नंबर कमरे में भी नहीं गई। जब उन्हें दिव्या के परिजनों की ओर से मोबाइल बंद होने की सूचना मिली, तब पुलिस मामले को गंभीरता से लेती है। होटल का फुटेज चेक करती है, जिसमें करीब 11 बजे एक कंबल में लपेटकर शव को बाहर कार में रखते हुए पाया गया। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि किसकी लापरवाही के कारण आरोपी तक पहुंचने में देर हुई है। उन पर गाज भी गिर सकती है। डीसीपी क्राइम विजय कुमार ने बताया कि अब तक जांच में होटल लीज पर लेने वाले अनूप की भूमिका ठीक मिली है। जिन पुलिस कर्मियों की ओर से लापरवाही पाई जाएगी। उन पर कार्रवाई की जाएगी।