{"_id":"6aa04cb5f59b97b9a103d30f","slug":"failure-to-respond-to-rti-proves-costly-bailable-warrant-issued-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-100457-2026-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: आरटीआई का जवाब न देना पड़ा भारी, जमानती वारंट जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: आरटीआई का जवाब न देना पड़ा भारी, जमानती वारंट जारी
विज्ञापन
हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने दमकल विभाग के अधिकारी पर की कार्रवाई, 1 अक्तूबर को पेश होने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दमकल विभाग के सीनियर फायर स्टेशन ऑफिसर के खिलाफ हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने जमानती वारंट जारी किया है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) आवेदन का जवाब नहीं देने और राज्य सूचना आयोग की सुनवाई में बार-बार उपस्थित नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई है। आयोग ने गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त को वारंट तामील कराने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई एक अक्तूबर 2026 को होगी।
मामला डीएलएफ फेज-1 निवासी हरिंदर ढींगरा की आरटीआई से जुड़ा है। दस्तावेज के अनुसार ढींगरा ने 22 जुलाई 2024 को नगर निगम के संबंधित एसपीआईओ के पास आरटीआई आवेदन दायर किया था, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने आयोग में शिकायत की। आयोग ने मामले में शो-कॉज नोटिस भी जारी किया था।
आयोग के आदेश में कहा गया है कि संबंधित एसपीआईओ को पहले भी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन वह 4 सितंबर 2025 और 30 जनवरी 2026 को आयोग के समक्ष पेश नहीं हुए। 13 जुलाई 2026 को हुई सुनवाई में भी नोटिस के बावजूद उनकी ओर से कोई उपस्थिति नहीं हुई।
विज्ञापन
राज्य सूचना आयुक्त कर्मवीर सैनी की पीठ ने कहा कि संबंधित अधिकारी द्वारा आयोग के निर्देशों का पालन नहीं करने के कारण उसके पास आरटीआई अधिनियम की धारा 18(3) के तहत उपलब्ध शक्तियों का इस्तेमाल करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इसी के तहत संबंधित एसपीआईओ की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जमानती वारंट जारी करने का निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दमकल विभाग के सीनियर फायर स्टेशन ऑफिसर के खिलाफ हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने जमानती वारंट जारी किया है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) आवेदन का जवाब नहीं देने और राज्य सूचना आयोग की सुनवाई में बार-बार उपस्थित नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई है। आयोग ने गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त को वारंट तामील कराने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई एक अक्तूबर 2026 को होगी।
मामला डीएलएफ फेज-1 निवासी हरिंदर ढींगरा की आरटीआई से जुड़ा है। दस्तावेज के अनुसार ढींगरा ने 22 जुलाई 2024 को नगर निगम के संबंधित एसपीआईओ के पास आरटीआई आवेदन दायर किया था, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने आयोग में शिकायत की। आयोग ने मामले में शो-कॉज नोटिस भी जारी किया था।
विज्ञापन
आयोग के आदेश में कहा गया है कि संबंधित एसपीआईओ को पहले भी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन वह 4 सितंबर 2025 और 30 जनवरी 2026 को आयोग के समक्ष पेश नहीं हुए। 13 जुलाई 2026 को हुई सुनवाई में भी नोटिस के बावजूद उनकी ओर से कोई उपस्थिति नहीं हुई।
विज्ञापन
राज्य सूचना आयुक्त कर्मवीर सैनी की पीठ ने कहा कि संबंधित अधिकारी द्वारा आयोग के निर्देशों का पालन नहीं करने के कारण उसके पास आरटीआई अधिनियम की धारा 18(3) के तहत उपलब्ध शक्तियों का इस्तेमाल करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इसी के तहत संबंधित एसपीआईओ की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जमानती वारंट जारी करने का निर्णय लिया गया है।