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Gurugram News: कोर्ट ने जारी किए वॉरंट तो विभाग ने दिया मुआवजा
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- अदालत ने सीसीएफ और चीफ एडमिनिस्ट्रेटर के विरुद्ध जारी किए थे वारंट
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। मुआवजा न देने पर जिला अदालत सख्त हुआ तो हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने याचिकाकर्ता के खाते में पैसे जमा कर दिए हैं। अदालत ने दूसरी बार एचएसवीपी के चीफ कंट्रोल फाइनेंस (सीसीएफ) और चीफ एडमिनिस्ट्रेटर जमानती वारंट जारी किए थे। विभाग ने शुक्रवार को याचिकाकर्ता के बैंक खाते में करीब 56 लाख रुपये जमा कर दिए हैं। इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जगदीप सिंह की अदालत चल रही थी।
शिकातयकर्ता निधि की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राम अवतार गुप्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता की जमीन का अधिग्रहण मेट्रो के लिए हुआ था। उन्हें मुआवजा नहीं मिला तो उन्होंने 2017 में अदालत में याचिका दायर की। अदालत ने पैसे देने का आदेश दिया था। इसके बावजूद विभाग ने शिकायतकर्ता को पैसे नहीं दिए थे। इस पर अदालत ने एचएसवीपी के चीफ कंट्रोल फाइनेंस (सीसीएफ) और चीफ एडमिनिस्ट्रेटर जमानती वारंट जारी कर दिए थे। साथ ही, अदालत ने आदेश में कहा है कि अधिकारियों के विरुद्ध जमानती वारंट का निष्पादन डीसीपी मुख्यालय सुनिश्चित करें। ऐसा न होने पर डीसीपी मुख्यालय अदालत में पेश होकर वारंट के निष्पादन न करने का कारणों के बारे में बताएं। आदेश की अनुपालना होने पर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। मुआवजा न देने पर जिला अदालत सख्त हुआ तो हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने याचिकाकर्ता के खाते में पैसे जमा कर दिए हैं। अदालत ने दूसरी बार एचएसवीपी के चीफ कंट्रोल फाइनेंस (सीसीएफ) और चीफ एडमिनिस्ट्रेटर जमानती वारंट जारी किए थे। विभाग ने शुक्रवार को याचिकाकर्ता के बैंक खाते में करीब 56 लाख रुपये जमा कर दिए हैं। इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जगदीप सिंह की अदालत चल रही थी।
शिकातयकर्ता निधि की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राम अवतार गुप्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता की जमीन का अधिग्रहण मेट्रो के लिए हुआ था। उन्हें मुआवजा नहीं मिला तो उन्होंने 2017 में अदालत में याचिका दायर की। अदालत ने पैसे देने का आदेश दिया था। इसके बावजूद विभाग ने शिकायतकर्ता को पैसे नहीं दिए थे। इस पर अदालत ने एचएसवीपी के चीफ कंट्रोल फाइनेंस (सीसीएफ) और चीफ एडमिनिस्ट्रेटर जमानती वारंट जारी कर दिए थे। साथ ही, अदालत ने आदेश में कहा है कि अधिकारियों के विरुद्ध जमानती वारंट का निष्पादन डीसीपी मुख्यालय सुनिश्चित करें। ऐसा न होने पर डीसीपी मुख्यालय अदालत में पेश होकर वारंट के निष्पादन न करने का कारणों के बारे में बताएं। आदेश की अनुपालना होने पर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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