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Gurugram News: पानी की आपूर्ति की होगी ऑनलाइन निगरानी, लगेंगे सेंसर
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गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण की पहल, प्रवाह, दबाव और जल स्तर समेत अन्य मानकों की रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने पहल की है। अब जीएमडीए पानी की सप्लाई की ऑनलाइन निगरानी करेगा। इसके लिए मास्टर पाइप लाइनों और बूस्टिंग स्टेशनों पर विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सेंसर लगाए जा रहे हैं। इन उपकरणों के माध्यम से पानी का प्रवाह, दबाव और जल स्तर समेत अन्य मानकों की रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी।
जीएमडीए केंद्रीकृत एकीकृत जल प्रबंधन प्रणाली (सीआईडब्ल्यूएमएस) के तहत यह व्यवस्था विकसित कर रहा है। इसमें रडार लेवल सेंसर, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्लो मीटर, प्रेशर ट्रांसमीटर, रिमोट टर्मिनल यूनिट और अन्य उपकरण लगाए जाएंगे। इनसे चंदू बुढ़ेड़ा और बसई जलशोधन संयंत्रों से शहर के बूस्टिंग स्टेशनों तक भेजे जाने वाले पानी की निगरानी की जाएगी। योजना के तहत दोनों जलशोधन संयंत्रों से निकलने वाली मुख्य पाइप लाइनों और करीब 305 अंडरग्राउंड टैंक व बूस्टिंग स्टेशनों पर उपकरण लगाए जाएंगे। इससे यह पता चल सकेगा कि संयंत्र से कितनी मात्रा में पानी भेजा गया और संबंधित बूस्टिंग स्टेशन तक कितना पानी पहुंचा। पाइपलाइन में लीकेज या किसी तरह की खराबी होने पर भी सिस्टम के माध्यम से इसकी जानकारी मिलने की उम्मीद है। इससे पानी के प्रवाह और दबाव में होने वाले बदलाव की निगरानी की जा सकेगी। पानी की आपूर्ति में किसी स्थान पर समस्या आने पर संबंधित टीम को कार्रवाई करने में आसानी होगी।
डेटा लॉगर और पावर बैकअप की व्यवस्था भी होगी
अंडरग्राउंड टैंकों में जल प्रवाह की दर मापने के लिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्लो मीटर, जल स्तर सेंसर और प्रेशर ट्रांसमीटर लगाए जाएंगे। वहीं, जलशोधन संयंत्रों पर पंप मॉनिटरिंग सिस्टम और जल गुणवत्ता सेंसर लगाए जाने की योजना है। साइट पर उपकरणों की रीडिंग दर्ज करने के लिए डेटा लॉगर और पावर बैकअप की व्यवस्था भी होगी। सभी उपकरणों से प्राप्त डेटा एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) तक भेजा जाएगा। इससे जीएमडीए के अधिकारी एक ही स्थान से पानी की आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी कर सकेंगे।
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स्मार्ट जल प्रबंधन के कार्य का जिम्मा एक एजेंसी को दिया गया है और काम चल रहा है। इससे पानी की आपूर्ति में सुधार पर ऑनलाइन नजर रखी जा सकेगी। सीआईडब्ल्यूएमएस के तहत सीवर और ड्रेनेज नेटवर्क की निगरानी व्यवस्था को भी आगे बढ़ाने की योजना है।
- सुशील कुमार, स्मार्ट सिटी, जीएमडीए
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने पहल की है। अब जीएमडीए पानी की सप्लाई की ऑनलाइन निगरानी करेगा। इसके लिए मास्टर पाइप लाइनों और बूस्टिंग स्टेशनों पर विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सेंसर लगाए जा रहे हैं। इन उपकरणों के माध्यम से पानी का प्रवाह, दबाव और जल स्तर समेत अन्य मानकों की रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी।
जीएमडीए केंद्रीकृत एकीकृत जल प्रबंधन प्रणाली (सीआईडब्ल्यूएमएस) के तहत यह व्यवस्था विकसित कर रहा है। इसमें रडार लेवल सेंसर, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्लो मीटर, प्रेशर ट्रांसमीटर, रिमोट टर्मिनल यूनिट और अन्य उपकरण लगाए जाएंगे। इनसे चंदू बुढ़ेड़ा और बसई जलशोधन संयंत्रों से शहर के बूस्टिंग स्टेशनों तक भेजे जाने वाले पानी की निगरानी की जाएगी। योजना के तहत दोनों जलशोधन संयंत्रों से निकलने वाली मुख्य पाइप लाइनों और करीब 305 अंडरग्राउंड टैंक व बूस्टिंग स्टेशनों पर उपकरण लगाए जाएंगे। इससे यह पता चल सकेगा कि संयंत्र से कितनी मात्रा में पानी भेजा गया और संबंधित बूस्टिंग स्टेशन तक कितना पानी पहुंचा। पाइपलाइन में लीकेज या किसी तरह की खराबी होने पर भी सिस्टम के माध्यम से इसकी जानकारी मिलने की उम्मीद है। इससे पानी के प्रवाह और दबाव में होने वाले बदलाव की निगरानी की जा सकेगी। पानी की आपूर्ति में किसी स्थान पर समस्या आने पर संबंधित टीम को कार्रवाई करने में आसानी होगी।
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डेटा लॉगर और पावर बैकअप की व्यवस्था भी होगी
अंडरग्राउंड टैंकों में जल प्रवाह की दर मापने के लिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्लो मीटर, जल स्तर सेंसर और प्रेशर ट्रांसमीटर लगाए जाएंगे। वहीं, जलशोधन संयंत्रों पर पंप मॉनिटरिंग सिस्टम और जल गुणवत्ता सेंसर लगाए जाने की योजना है। साइट पर उपकरणों की रीडिंग दर्ज करने के लिए डेटा लॉगर और पावर बैकअप की व्यवस्था भी होगी। सभी उपकरणों से प्राप्त डेटा एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) तक भेजा जाएगा। इससे जीएमडीए के अधिकारी एक ही स्थान से पानी की आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी कर सकेंगे।
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स्मार्ट जल प्रबंधन के कार्य का जिम्मा एक एजेंसी को दिया गया है और काम चल रहा है। इससे पानी की आपूर्ति में सुधार पर ऑनलाइन नजर रखी जा सकेगी। सीआईडब्ल्यूएमएस के तहत सीवर और ड्रेनेज नेटवर्क की निगरानी व्यवस्था को भी आगे बढ़ाने की योजना है।
- सुशील कुमार, स्मार्ट सिटी, जीएमडीए