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शहर के आधे हिस्से में अभी भी जल संकट
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गुरुग्राम। शहर के आधे हिस्से में अभी भी जल संकट बना हुआ है। बसई में मास्टर रोड के निर्माण के चलते पाइप लाइनों को शिफ्ट करने के लिए बुढ़ेरा के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से मंगलवार रात 12 बजे से बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे तक पानी की आपूर्ति बंद की गई थी। इसके बाद भी शुक्रवार व कई जगह शनिवार तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। परेशान लोग शासन-प्रशासन को शिकायत कर रहे हैैं। वहीं महंगे दामों पर टैंकरों से पानी खरीद रहे हैं।
जीएमडीए द्वारा शहर के सेक्टर-37सी, 37डी, गांव गाडौली, एयर फोर्स स्टेशन, सेंट्रल पार्क, सेक्टर-45 से 74 तक, डीएलएफ फेस- पांच व डीएलएफ फेज-वनडी में 26 अक्तूबर रात बारह बजे से 28 अक्तूबर के दोपहर 12 बजे तक पानी की सप्लाई बंद करने की एडवाइजरी जारी की गई थी। ऐसे में बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे तक इन इलाकों में पानी की आपूर्ति शुरू कर देनी चाहिए थी, लेकिन ज्यादातर इलाकों में शुक्रवार तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई। वहीं शनिवार को भी कई इलाकों मेें पानी नहीं पहुंच सका। ऐसे में लोगों का कहना है कि 36 घंटे की पानी आपूर्ति की बात कहकर विभाग ने 72 घंटे की आपूर्ति ठप कर दी है, इसके बाद भी पानी नहीं दिया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि रोड निर्माण व लाइनों को शिफ्ट करने के काम को समय से नहीं निपटाया गया है, अफसरों की लेटलतीफी का खमियाजा उन्हें बिना पानी के परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है।
समस्या को लेकर सोशल मीडिया पर मैसेजों की बाढ़
आधे शहर में पानी आपूर्ति की चरमराई व्यवस्था पर सोशल मीडिया पर मैसेजों की बाढ़ सी आ गई है। शहर के ज्यादातर इलाकों से लोग टिवटर पर जिला उपायुक्त, नगर निमग आयुक्त, जीएमडीए व सीएम, ग्रह मंत्री तक को टिवट कर रहे हैं। सेक्टर-52 के नितिन मेहता ने लिखा है कि इलाके में पिछले तीन दिन से पानी की एक बूूंद नहीं आई है। सवाल किया है कि डेढ़ दिन की कहकर तीन दिन तक की आपूर्ति क्यों ठप की गई है। इसी तरह सेक्टर-47 से शतीश गुप्ता व शारस्वत आनंद, सेक्टर-56 से हरीश यादव ने टिवटर पर शिकायत की है।
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1200 में आ रहा टैंकर, पानी माफियाओं की चांदी
पाइप लाइनों से पानी की आपूर्ति न होने से इस समय पानी माफियों की चांदी हो रही है। ज्यादातर इलाकों में टैँकर से पानी पहुंचाने के लिए पानी माफिया एक हजार से 1200 रुपये तक वसूल रहे हैं। यह पानी गुणवत्ता के मानकों पर भी खरा नहीं है और इससे लोगों की पूर्ति भी नहीं हो पा रही है। त्योहारों से ठीक पहले जल सकंट से लोगों के जरूरी काम भी रुके हुए हैं।
ज्यादातर इलाकों में धीरे-धीरे पानी की आपूर्ति शुरू हो चुकी है, बड़ी-बड़ी पाइप लाइनों में दोबारा से पानी की पूरी आपूर्ति होने में थोड़ा समय लग जाता है। जहां भी दिक्कत होगी ठीक कराया जाएगा।
प्रदीप सिंह, मुख्य अभियंता, जीएमडीए।
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जीएमडीए द्वारा शहर के सेक्टर-37सी, 37डी, गांव गाडौली, एयर फोर्स स्टेशन, सेंट्रल पार्क, सेक्टर-45 से 74 तक, डीएलएफ फेस- पांच व डीएलएफ फेज-वनडी में 26 अक्तूबर रात बारह बजे से 28 अक्तूबर के दोपहर 12 बजे तक पानी की सप्लाई बंद करने की एडवाइजरी जारी की गई थी। ऐसे में बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे तक इन इलाकों में पानी की आपूर्ति शुरू कर देनी चाहिए थी, लेकिन ज्यादातर इलाकों में शुक्रवार तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई। वहीं शनिवार को भी कई इलाकों मेें पानी नहीं पहुंच सका। ऐसे में लोगों का कहना है कि 36 घंटे की पानी आपूर्ति की बात कहकर विभाग ने 72 घंटे की आपूर्ति ठप कर दी है, इसके बाद भी पानी नहीं दिया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि रोड निर्माण व लाइनों को शिफ्ट करने के काम को समय से नहीं निपटाया गया है, अफसरों की लेटलतीफी का खमियाजा उन्हें बिना पानी के परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है।
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समस्या को लेकर सोशल मीडिया पर मैसेजों की बाढ़
आधे शहर में पानी आपूर्ति की चरमराई व्यवस्था पर सोशल मीडिया पर मैसेजों की बाढ़ सी आ गई है। शहर के ज्यादातर इलाकों से लोग टिवटर पर जिला उपायुक्त, नगर निमग आयुक्त, जीएमडीए व सीएम, ग्रह मंत्री तक को टिवट कर रहे हैं। सेक्टर-52 के नितिन मेहता ने लिखा है कि इलाके में पिछले तीन दिन से पानी की एक बूूंद नहीं आई है। सवाल किया है कि डेढ़ दिन की कहकर तीन दिन तक की आपूर्ति क्यों ठप की गई है। इसी तरह सेक्टर-47 से शतीश गुप्ता व शारस्वत आनंद, सेक्टर-56 से हरीश यादव ने टिवटर पर शिकायत की है।
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1200 में आ रहा टैंकर, पानी माफियाओं की चांदी
पाइप लाइनों से पानी की आपूर्ति न होने से इस समय पानी माफियों की चांदी हो रही है। ज्यादातर इलाकों में टैँकर से पानी पहुंचाने के लिए पानी माफिया एक हजार से 1200 रुपये तक वसूल रहे हैं। यह पानी गुणवत्ता के मानकों पर भी खरा नहीं है और इससे लोगों की पूर्ति भी नहीं हो पा रही है। त्योहारों से ठीक पहले जल सकंट से लोगों के जरूरी काम भी रुके हुए हैं।
ज्यादातर इलाकों में धीरे-धीरे पानी की आपूर्ति शुरू हो चुकी है, बड़ी-बड़ी पाइप लाइनों में दोबारा से पानी की पूरी आपूर्ति होने में थोड़ा समय लग जाता है। जहां भी दिक्कत होगी ठीक कराया जाएगा।
प्रदीप सिंह, मुख्य अभियंता, जीएमडीए।