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Gurugram News: खोह गांव में जल संकट गंभीर, जीएमडीए से मांगा पानी
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स्थानीय लोगों ने पानी की मांग को लेकर जीएमडीए के अधिकारियों से मुलाकात की
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। आईएमटी मानेसर के पास स्थित खोह गांव में जल संकट गंभीर हो गया है। गांव में लगे अधिकांश ट्यूबवेल काम करना बंद कर चुके हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों ने पानी की मांग को लेकर गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के अधिकारियों से मुलाकात की।
मानेसर नगर निगम ने जीएमडीए से 15 एमएलडी पानी मांगा हुआ है। औद्योगिक क्षेत्र के नजदीक होने के कारण यहां भूजल का अत्यधिक दोहन हुआ है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। गर्मी बढ़ने के साथ अधिकांश ट्यूबवेल बंद हो गए हैं, जिसके चलते लोगों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। नगर निगम मानेसर पार्षद रविंद्र फौजी और स्थानीय निवासी उदयभान गांव की समस्या को लेकर जीएमडीए कार्यालय पहुंचे और मुख्य अभियंता आरएस जांगड़ा से मुलाकात की। पार्षद ने बताया कि गांव में भूजल स्तर काफी गिर गया है, जिससे जल संकट गहरा गया है। उन्होंने नहरी पानी उपलब्ध कराने की मांग रखी। पार्षद ने बताया कि पानी संकट का मामला मंत्री के समक्ष उठाया गया था। वहीं, नगर निगम मानेसर ने जीएमडीए से 15 एमएलडी पानी की मांग की है। घघरौला गांव के पास नगर निगम मानेसर द्वारा बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे पानी मिलने पर सप्लाई करना आसान होगा।
जीएमडीए के मुख्य अभियंता आरएस जांगड़ा ने बताया कि नगर निगम से 15 एमएलडी पानी की मांग का विस्तृत ब्योरा मांगा गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इतनी मात्रा की आवश्यकता किस आधार पर है। उन्होंने कहा कि जल्द ही समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा। बतादें कि जीएमडीए के पास चंदू बुढ़ेरा और बसई स्थित नहरी जल शोधन संयंत्र हैं, जिनसे सेक्टर 1 से 115 तक पानी की आपूर्ति की जाती है। जीएमडीए द्वारा शोधन के बाद पानी नगर निगम गुरुग्राम को दिया जाता है, जो आगे सप्लाई करता है। वहीं, मानेसर क्षेत्र में फिलहाल जीएमडीए सीधे पानी की आपूर्ति नहीं करता। जीएमडीए का कहना है कि गुरुग्राम शहर से अतिरिक्त पानी उपलब्ध होने पर ही मानेसर को लगभग 5 एमएलडी तक पानी दिया जा सकता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। आईएमटी मानेसर के पास स्थित खोह गांव में जल संकट गंभीर हो गया है। गांव में लगे अधिकांश ट्यूबवेल काम करना बंद कर चुके हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों ने पानी की मांग को लेकर गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के अधिकारियों से मुलाकात की।
मानेसर नगर निगम ने जीएमडीए से 15 एमएलडी पानी मांगा हुआ है। औद्योगिक क्षेत्र के नजदीक होने के कारण यहां भूजल का अत्यधिक दोहन हुआ है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। गर्मी बढ़ने के साथ अधिकांश ट्यूबवेल बंद हो गए हैं, जिसके चलते लोगों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। नगर निगम मानेसर पार्षद रविंद्र फौजी और स्थानीय निवासी उदयभान गांव की समस्या को लेकर जीएमडीए कार्यालय पहुंचे और मुख्य अभियंता आरएस जांगड़ा से मुलाकात की। पार्षद ने बताया कि गांव में भूजल स्तर काफी गिर गया है, जिससे जल संकट गहरा गया है। उन्होंने नहरी पानी उपलब्ध कराने की मांग रखी। पार्षद ने बताया कि पानी संकट का मामला मंत्री के समक्ष उठाया गया था। वहीं, नगर निगम मानेसर ने जीएमडीए से 15 एमएलडी पानी की मांग की है। घघरौला गांव के पास नगर निगम मानेसर द्वारा बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे पानी मिलने पर सप्लाई करना आसान होगा।
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जीएमडीए के मुख्य अभियंता आरएस जांगड़ा ने बताया कि नगर निगम से 15 एमएलडी पानी की मांग का विस्तृत ब्योरा मांगा गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इतनी मात्रा की आवश्यकता किस आधार पर है। उन्होंने कहा कि जल्द ही समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा। बतादें कि जीएमडीए के पास चंदू बुढ़ेरा और बसई स्थित नहरी जल शोधन संयंत्र हैं, जिनसे सेक्टर 1 से 115 तक पानी की आपूर्ति की जाती है। जीएमडीए द्वारा शोधन के बाद पानी नगर निगम गुरुग्राम को दिया जाता है, जो आगे सप्लाई करता है। वहीं, मानेसर क्षेत्र में फिलहाल जीएमडीए सीधे पानी की आपूर्ति नहीं करता। जीएमडीए का कहना है कि गुरुग्राम शहर से अतिरिक्त पानी उपलब्ध होने पर ही मानेसर को लगभग 5 एमएलडी तक पानी दिया जा सकता है।
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