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सवारियों की कमी से चंडीगढ़ नहीं जा रहीं वॉल्वो
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गुरुग्राम। कोरोना काल से पहले गुरुग्राम बस डिपो से चंडीगढ़ के लिए वॉल्वो बसों का संचालन किया जाता था। लॉकडाउन में बसों का संचालन बंद हो गया था। वर्तमान में सुबह 7 बजे एक वॉल्वो बस ही चंडीगढ़ जाती है और सवारियों की कमी के कारण अन्य वॉल्वो बसों का संचालन शुरू नहीं किया जा सका है। ऐसे में वॉल्वो बसें गुरुग्राम बस डिपो के वर्कशॉप में ही खड़ी की गई हैं। वॉल्वो बसों के नहीं चलने से वर्कशॉप में ही धूल फांक रही है। नई बसें भी पुरानी बसों की तरह दिखाई दे रही हैं। हालांकि वर्कशॉप के कर्मचारियों का कहना है कि सभी वॉल्वो बसें ठीक स्थिति में हैं और चालू हालत में हैं।
जरूरत पड़ने पर हो रही बसों की धुलाई
गुरुग्राम बस डिपो की वर्कशॉप में खड़ी कई वॉल्वो बसों की पिछले काफी समय से धुलाई नहीं हुई है। जिस कारण उक्त बसों पर धूल-मिट्टी की परत जम चुकी है। इन वॉल्वो बसों की जरूरत पड़ने पर ही धुलाई की जाती है। क्योंकि बस डिपो में रोडवेज बसों की धुलाई के लिए निजी एजेंसी को ठेका दिया हुआ है, जोकि बसों की धुलाई की संख्या के अनुसार चार्ज करती है। ऐसे में सिर्फ उन्हीं बसों की धुलाई कराई जाती है, जिनको चलाना है। वर्कशॉप के कर्मचारियों का कहना है कि जिन वॉल्वो बसों को चलाने के लिए जरूरत पड़ती है, उसकी धुलाई करवा दी जाती है। क्योंकि बस जाने के लगभग 1 दिन पहले पता चल जाता है कि कौन सी वॉल्वो बस रूट पर जाएगी।
बसों की समय-समय पर मेंटिनेंस की जाती है। जिन बसों पर ज्यादा धूल जम जाती है उनको साफ करवा दिया जाता है। वहीं बसों को रोजाना स्टार्ट किया जाता है ताकि कमियों के बारे में पता चल सके।
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- रमेश देशवाल, फोरमैन, वर्कशॉप, बस डिपो गुरुग्राम।
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जरूरत पड़ने पर हो रही बसों की धुलाई
गुरुग्राम बस डिपो की वर्कशॉप में खड़ी कई वॉल्वो बसों की पिछले काफी समय से धुलाई नहीं हुई है। जिस कारण उक्त बसों पर धूल-मिट्टी की परत जम चुकी है। इन वॉल्वो बसों की जरूरत पड़ने पर ही धुलाई की जाती है। क्योंकि बस डिपो में रोडवेज बसों की धुलाई के लिए निजी एजेंसी को ठेका दिया हुआ है, जोकि बसों की धुलाई की संख्या के अनुसार चार्ज करती है। ऐसे में सिर्फ उन्हीं बसों की धुलाई कराई जाती है, जिनको चलाना है। वर्कशॉप के कर्मचारियों का कहना है कि जिन वॉल्वो बसों को चलाने के लिए जरूरत पड़ती है, उसकी धुलाई करवा दी जाती है। क्योंकि बस जाने के लगभग 1 दिन पहले पता चल जाता है कि कौन सी वॉल्वो बस रूट पर जाएगी।
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बसों की समय-समय पर मेंटिनेंस की जाती है। जिन बसों पर ज्यादा धूल जम जाती है उनको साफ करवा दिया जाता है। वहीं बसों को रोजाना स्टार्ट किया जाता है ताकि कमियों के बारे में पता चल सके।
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- रमेश देशवाल, फोरमैन, वर्कशॉप, बस डिपो गुरुग्राम।