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Gurugram News: ग्रीन कोल योजना के विरोध में उठने लगी आवाज
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आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष को लिखा पत्र,
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम । शहर के लोगों ने नगर निगम से बंधवाड़ी में ग्रीन कोल बनाए जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। इस बात की आशंका जाहिर की है कि मिले जुले कचरे से बनाए जाने वाले ग्रीन कोल की योजना का हाल पहले के वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की योजना की तरह न हो जाए। ग्रीन कोल की योजना कितनी पर्यावरण सुरक्षित होगी और इसको किस तरह क्रियान्वित किया जाएगा। यह स्पष्ट किया जाए।
शहर में हवा में प्रदूषण, कचरा प्रबंधन को लेकर सक्रिय संगठन और आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों की ओर से व्हाई वेस्ट योर वेस्ट और सिटिजन फॉर क्लीन एयर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष को पत्र लिखा है। इसमें प्रशासन से मांग की है कि अगर मिले जुले कचरे को एक जगह एकत्र कर उससे कोयला बनाया जाएगा तो यह सॉलिड वेस्ट पॉलिसी के नियमों का उल्लंघन है। इसकी जगह कचरा प्रबंधन को लेकर लोगों में जागरूकता की जाए और कचरे को घरों में ही अलग-अलग किया जाए। विकेंद्रीकृत कचरा प्रबंधन बेहतर विकल्प है। अगर कचरे को जलाकर काेयला बनाने की योजना है तो यह शहर की हवा को और प्रदूषित करेगा। अभी जिस तरह का प्रदूषण है, उससे लोगों के बीच सांस की बीमारियां हो रही हैं। ग्रीन कोल ऑरगेनिक वेस्ट से बनेगा या मिले जुले कूड़े से। अगर मिले जुले कूड़े से बनेगा जिसमें प्लास्टिक कूड़ा भी शामिल होगा तो यह सॉलिड वेस्ट पॉलिसी के अनुरूप नहीं है। इसके पहले वर्ष 2017 में 25000 लोगों ने हवा में प्रदूषण को घटाने के उपायों को किए जाने और वेस्ट टू एनर्जी प्लांट पर रोक के लिए तत्कालीन जीएमडीए प्रमुख वी उमाशंकर और मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया था। इस तरह के विरोध फिर हो सकते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम । शहर के लोगों ने नगर निगम से बंधवाड़ी में ग्रीन कोल बनाए जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। इस बात की आशंका जाहिर की है कि मिले जुले कचरे से बनाए जाने वाले ग्रीन कोल की योजना का हाल पहले के वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की योजना की तरह न हो जाए। ग्रीन कोल की योजना कितनी पर्यावरण सुरक्षित होगी और इसको किस तरह क्रियान्वित किया जाएगा। यह स्पष्ट किया जाए।
शहर में हवा में प्रदूषण, कचरा प्रबंधन को लेकर सक्रिय संगठन और आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों की ओर से व्हाई वेस्ट योर वेस्ट और सिटिजन फॉर क्लीन एयर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष को पत्र लिखा है। इसमें प्रशासन से मांग की है कि अगर मिले जुले कचरे को एक जगह एकत्र कर उससे कोयला बनाया जाएगा तो यह सॉलिड वेस्ट पॉलिसी के नियमों का उल्लंघन है। इसकी जगह कचरा प्रबंधन को लेकर लोगों में जागरूकता की जाए और कचरे को घरों में ही अलग-अलग किया जाए। विकेंद्रीकृत कचरा प्रबंधन बेहतर विकल्प है। अगर कचरे को जलाकर काेयला बनाने की योजना है तो यह शहर की हवा को और प्रदूषित करेगा। अभी जिस तरह का प्रदूषण है, उससे लोगों के बीच सांस की बीमारियां हो रही हैं। ग्रीन कोल ऑरगेनिक वेस्ट से बनेगा या मिले जुले कूड़े से। अगर मिले जुले कूड़े से बनेगा जिसमें प्लास्टिक कूड़ा भी शामिल होगा तो यह सॉलिड वेस्ट पॉलिसी के अनुरूप नहीं है। इसके पहले वर्ष 2017 में 25000 लोगों ने हवा में प्रदूषण को घटाने के उपायों को किए जाने और वेस्ट टू एनर्जी प्लांट पर रोक के लिए तत्कालीन जीएमडीए प्रमुख वी उमाशंकर और मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया था। इस तरह के विरोध फिर हो सकते हैं।
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