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निगम में शामिल 39 गांवों में संपत्ति कर लागू करने का विरोध
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गुरुग्राम। नगर निगम में शामिल 39 गांवों में संपत्ति कर एवं भवन उप नियम लागू करने के विरोध में ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से मुलाकात की। लोगों ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि वे नगर निगम के निर्णय को रद्द कराने की पहल करें। इस मौके पर संघर्ष समिति के प्रमुख सूबे सिंह बोहरा की अगुवाई में नरेश सहरावत सरपंच, अशोक हंस सरपंच, धर्मबीर डागर बादशाहपुर, नत्थू सरपंच, उदयबीर सरपंच, दुली चंद, बबल वजीराबाद, प्रेम सिंह, रणधीर ठाकरान आदि ने राव इंद्रजीत सिंह को बताया कि नगर निगम गांवों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने गांवों में शहर जैसी एक भी सुविधा मुहैया नहीं कराई है। इसके अलावा गांवों में मौजूद समस्याओं का समाधान नहीं कराया जा रहा है। इस कारण नगर निगम में शामिल 39 गांव स्लम में तब्दील हो गए है। वहीं दूसरी ओर नगर निगम गांवों में शहरी इलाके जैसे संपत्ति कर एवं भवन उप नियम लागू कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री को उन्होंने बताया कि नगर निगम में उनके गांव शामिल करने के दौरान उसे उनकी पंचायतों के कई सौ करोड़ रुपये एवं कई हजार एकड़ ग्रामसभा भूमि मिली थी। इसके बावजूद नगर निगम ने उनके गांवों की सुध नहीं ली। गांवों में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है और गली नाली टूटी पड़ी हुई है। सीवर ओवरफ्लो रहते हैं। इस कारण उनके गांवों में संपत्ति कर एवं भवन उप नियम लागू करने का कोई औचित्य नहीं है। उधर राव इंद्रजीत सिंह ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वे उनकी समस्या का समाधान कराने के लिए राज्य सरकार से बात करेंगे। इस दौरान मेयर मधु आजाद भी उपस्थित थी।
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केंद्रीय मंत्री को उन्होंने बताया कि नगर निगम में उनके गांव शामिल करने के दौरान उसे उनकी पंचायतों के कई सौ करोड़ रुपये एवं कई हजार एकड़ ग्रामसभा भूमि मिली थी। इसके बावजूद नगर निगम ने उनके गांवों की सुध नहीं ली। गांवों में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है और गली नाली टूटी पड़ी हुई है। सीवर ओवरफ्लो रहते हैं। इस कारण उनके गांवों में संपत्ति कर एवं भवन उप नियम लागू करने का कोई औचित्य नहीं है। उधर राव इंद्रजीत सिंह ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वे उनकी समस्या का समाधान कराने के लिए राज्य सरकार से बात करेंगे। इस दौरान मेयर मधु आजाद भी उपस्थित थी।
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