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यूनिटेक की गुरुग्राम में 18.14 करोड़ की कई संपत्ति कुर्क
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गुरुग्राम/नई दिल्ली। ईडी ने मनी लांड्रिंग रोधी कानून के तहत यूनिटेक की गुरुग्राम स्थित 18.14 करोड़ रुपये की कई संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। कुर्क की गई संपत्तियों में गुरुग्राम स्थित मल्टीप्लेक्स और लखनऊ में छह वाणिज्यिक संपत्तियां तथा दो दर्जन बैंक खाते और सावधि जमा शामिल हैं।
ये संपत्तियां एनोवा फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और एफएनएम प्रॉपर्टी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर हैं। जो चंद्रा (यूनिटेक के प्रमोटर अजय चंद्रा और संजय चंद्रा) की बेनामी संपत्ति में शामिल हैं। आरोप है कि इन दो बेनामी संस्थाओं की संपत्ति को चंद्रा बंधुओं द्वारा उनके करीबी विश्वासपात्रों के माध्यम से डायवर्ट करके बनाया गया था।
मनी लांड्रिंग का यह मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और यूनिटेक समूह और उसके प्रमोटरों के खिलाफ घर खरीदारों द्वारा दायर कई प्राथमिकी पर आधारित है। ईडी ने इस साल के शुरू में यूनिटेक समूह और उसके प्रमोटरों के खिलाफ पीएमएलए की विभिन्न धाराओं के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया था, जिसमें आरोप लगाया था कि इसके मालिक संजय चंद्रा और अजय चंद्रा ने अवैध रूप से 2,000 करोड़ रुपये से अधिक साइप्रस और केमैन आइलैंड्स को डायवर्ट किया था। इस मामले में अब कुल संपत्तियों की कुर्की 690.66 करोड़ रुपये पहुंच गई है। पिछले महीने ईडी ने यूनिटेक के संस्थापक रमेश चंद्रा, उनकी बहू प्रीति चंद्रा और एक कंपनी की एक अन्य कार्यकारी को गिरफ्तार किया था। एजेंसी/ब्यूरो
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ये संपत्तियां एनोवा फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और एफएनएम प्रॉपर्टी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर हैं। जो चंद्रा (यूनिटेक के प्रमोटर अजय चंद्रा और संजय चंद्रा) की बेनामी संपत्ति में शामिल हैं। आरोप है कि इन दो बेनामी संस्थाओं की संपत्ति को चंद्रा बंधुओं द्वारा उनके करीबी विश्वासपात्रों के माध्यम से डायवर्ट करके बनाया गया था।
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मनी लांड्रिंग का यह मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और यूनिटेक समूह और उसके प्रमोटरों के खिलाफ घर खरीदारों द्वारा दायर कई प्राथमिकी पर आधारित है। ईडी ने इस साल के शुरू में यूनिटेक समूह और उसके प्रमोटरों के खिलाफ पीएमएलए की विभिन्न धाराओं के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया था, जिसमें आरोप लगाया था कि इसके मालिक संजय चंद्रा और अजय चंद्रा ने अवैध रूप से 2,000 करोड़ रुपये से अधिक साइप्रस और केमैन आइलैंड्स को डायवर्ट किया था। इस मामले में अब कुल संपत्तियों की कुर्की 690.66 करोड़ रुपये पहुंच गई है। पिछले महीने ईडी ने यूनिटेक के संस्थापक रमेश चंद्रा, उनकी बहू प्रीति चंद्रा और एक कंपनी की एक अन्य कार्यकारी को गिरफ्तार किया था। एजेंसी/ब्यूरो
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