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निगम ने अवैध बैंक्वेट हॉल को किया सील, थोड़ी देर बाद खोली
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अवैध बैंक्वेट हॉल को किया सील, थोड़ी देर बाद खोली सील
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम ने सोमवार को आयुध डिपो के 900 मीटर प्रतिबंधित दायरे में अवैध बैंक्वेट हॉल अमित महल को सील कर दिया, लेकिन निगम अधिकारियों ने थोड़ी देर बाद ही सील को खोल दिया गया। जबकि सील खोलने के लिए अलग से प्रक्रिया होती है। निगम ने जिस बैंक्वेट हॉल को सील किया उसमें रात को शादी समारोह का आयोजन किया जाना था। बैंक्वेट हॉल को सील होता देख शादी वाले लोग निगम अधिकारियों से भीड़ गए। ऐसे में आनन-फानन में निगम अधिकारियों ने बैंक्वेट हॉल की सील को खोल दिया।
नगर निगम के डिवीजन-1 के कार्यकारी अभियंता दिलीप यादव की टीम की ओर से सोमवार को आयुध डिपो दायरे में संचालित किए जा रहेे करीब चार से पांच अवैध बैंक्वेट हॉल को सील करने की योजना बनाई थी। कार्यकारी अभियंता के साथ एसडीओ नरेंद्र पंवार व जूनियर इंजीनियर संदीप राठी के साथ पुलिस बल भी मौजूद रही। सील करने के लिए कार्यकारी अभियंता दिलीप यादव को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। हंगामा बढ़ता देख निगम अधिकारियों ने बिना नियमों की परवाह किए सील लगे बैंक्वेट हॉल की सील को खोल दिया और अन्य बैंक्वेट हॉल को सील करने की कार्रवाई को भी स्थगित कर दिया। जब इस बारे में ड्यूटी मजिस्ट्रेट व कार्यकारी अभियंता दिलीप यादव से सील खोलने के कारणों को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
बैंक्वेट हॉल को सील करने के बाद सील को क्यों खोला गया इस बारे में पता कर मामले की जांच की जाएगी।
-अमित खत्री, निगमायुक्त, नगर निगम, गुरुग्राम।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम ने सोमवार को आयुध डिपो के 900 मीटर प्रतिबंधित दायरे में अवैध बैंक्वेट हॉल अमित महल को सील कर दिया, लेकिन निगम अधिकारियों ने थोड़ी देर बाद ही सील को खोल दिया गया। जबकि सील खोलने के लिए अलग से प्रक्रिया होती है। निगम ने जिस बैंक्वेट हॉल को सील किया उसमें रात को शादी समारोह का आयोजन किया जाना था। बैंक्वेट हॉल को सील होता देख शादी वाले लोग निगम अधिकारियों से भीड़ गए। ऐसे में आनन-फानन में निगम अधिकारियों ने बैंक्वेट हॉल की सील को खोल दिया।
नगर निगम के डिवीजन-1 के कार्यकारी अभियंता दिलीप यादव की टीम की ओर से सोमवार को आयुध डिपो दायरे में संचालित किए जा रहेे करीब चार से पांच अवैध बैंक्वेट हॉल को सील करने की योजना बनाई थी। कार्यकारी अभियंता के साथ एसडीओ नरेंद्र पंवार व जूनियर इंजीनियर संदीप राठी के साथ पुलिस बल भी मौजूद रही। सील करने के लिए कार्यकारी अभियंता दिलीप यादव को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। हंगामा बढ़ता देख निगम अधिकारियों ने बिना नियमों की परवाह किए सील लगे बैंक्वेट हॉल की सील को खोल दिया और अन्य बैंक्वेट हॉल को सील करने की कार्रवाई को भी स्थगित कर दिया। जब इस बारे में ड्यूटी मजिस्ट्रेट व कार्यकारी अभियंता दिलीप यादव से सील खोलने के कारणों को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
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बैंक्वेट हॉल को सील करने के बाद सील को क्यों खोला गया इस बारे में पता कर मामले की जांच की जाएगी।
-अमित खत्री, निगमायुक्त, नगर निगम, गुरुग्राम।