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दो लाख रिश्वत: चुनाव कार्यालय में नियुक्त सहायक भी गिरफ्तार
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रिश्वत लेते हुए तहसीलदार को किया जा चुका है गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हरियाणा विधानसभा चुनाव में ट्रांसपोर्टर की गाड़ी इस्तेमाल करने के एवज में उनके बिल पास के लिए दो लाख रुपये की रिश्वत लेने मामले में जिला चुनाव में नियुक्त सहायक सौरभ को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। टीम ने बृहस्पतिवार को तहसीलदार रोहित सुहाग को दो लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।
ट्रांसपोर्टर ने टीम को दी शिकायत में बताया कि 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान उपायुक्त गुरुग्राम ने उनकी गाड़ियां सरकारी ड्यूटी के लिए अधिग्रहित की थीं। सरकारी प्रावधानों के अनुसार इन गाड़ियों का भुगतान पुलिस विभाग की ओर से उपायुक्त कार्यालय को भेजे गए बिलों के आधार पर किया जाना था।शिकायतकर्ता को बिलों को पास करवाने के लिए चुनाव कार्यालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना आवश्यक होता है।
आरोप है कि तहसीलदार रोहित सुहाग और उनके सहायक सौरभ ने एनओसी जारी करने के लिए उनसे से साढ़े तीन लाख की रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद दो लाख रुपये में सहमत हो गए थे। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए राज्य सतर्कता ब्यूरो ने टीम का गठन किया और तहसीलदार रोहित सुहाग को दो लाख रुपये नकद रिश्वत लेते हुए बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हरियाणा विधानसभा चुनाव में ट्रांसपोर्टर की गाड़ी इस्तेमाल करने के एवज में उनके बिल पास के लिए दो लाख रुपये की रिश्वत लेने मामले में जिला चुनाव में नियुक्त सहायक सौरभ को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। टीम ने बृहस्पतिवार को तहसीलदार रोहित सुहाग को दो लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।
ट्रांसपोर्टर ने टीम को दी शिकायत में बताया कि 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान उपायुक्त गुरुग्राम ने उनकी गाड़ियां सरकारी ड्यूटी के लिए अधिग्रहित की थीं। सरकारी प्रावधानों के अनुसार इन गाड़ियों का भुगतान पुलिस विभाग की ओर से उपायुक्त कार्यालय को भेजे गए बिलों के आधार पर किया जाना था।शिकायतकर्ता को बिलों को पास करवाने के लिए चुनाव कार्यालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना आवश्यक होता है।
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आरोप है कि तहसीलदार रोहित सुहाग और उनके सहायक सौरभ ने एनओसी जारी करने के लिए उनसे से साढ़े तीन लाख की रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद दो लाख रुपये में सहमत हो गए थे। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए राज्य सतर्कता ब्यूरो ने टीम का गठन किया और तहसीलदार रोहित सुहाग को दो लाख रुपये नकद रिश्वत लेते हुए बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया था।
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