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Gurugram News: एमटीपी किट बेचने पर क्लीनिक संचालक समेत दो धरे
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डीएलएफ क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने मारा छापा, मामला दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। डीएलएफ क्षेत्र स्थित बंगाली क्लीनिक में अवैध रूप से एमटीपी किट बेचने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने क्लीनिक संचालक परेश एन नूनिया और फैजल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई सिविल सर्जन, गुरुग्राम की ओर से गठित टीम ने की है।
सिविल सर्जन को सूचना मिली थी कि मेसर्स बंगाली क्लीनिक, नाथूपुर रोड, डीआईएफ, यू ब्लॉक, गुरुग्राम में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी किट (एमटीपी किट) अवैध रूप से बेची जा रही है। सिविल सर्जन गुरुग्राम ने एक टीम गठित की। टीम में डॉ. हरीश कुमार चिकित्सा अधिकारी, पलरा और औषधि नियंत्रण अधिकारी अमनदीप चौहान शामिल थे। टीम ने नकली ग्राहक को दो हजार रुपये देकर बंगाली क्लीनिक भेजकर क्लीनिक पर मौजूद परेश एन नुनिया को एमटीपी किट देते पकड़ लिया। इसके बाद अधिकृत टीम ने क्लीनिक का निरीक्षण किया और खुद को डॉक्टर बताने वाले परेश एन नूनिया से पूछताछ की गई। उसने बताया कि वह पंजीकृत चिकित्सक है और अपना प्रमाणपत्र दिखाया, जिसे टीम ने मौके पर सत्यापित किया और निष्कर्ष निकाला कि वह एनएमसी अधिनियम के तहत पंजीकृत चिकित्सक नहीं है और एलोपैथिक दवाओं का व्यवसाय नहीं कर सकता। टीम ने मेसर्स बंगाली क्लीनिक संचालक परेश एन नूनिया और फैजल को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। डीएलएफ क्षेत्र स्थित बंगाली क्लीनिक में अवैध रूप से एमटीपी किट बेचने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने क्लीनिक संचालक परेश एन नूनिया और फैजल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई सिविल सर्जन, गुरुग्राम की ओर से गठित टीम ने की है।
सिविल सर्जन को सूचना मिली थी कि मेसर्स बंगाली क्लीनिक, नाथूपुर रोड, डीआईएफ, यू ब्लॉक, गुरुग्राम में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी किट (एमटीपी किट) अवैध रूप से बेची जा रही है। सिविल सर्जन गुरुग्राम ने एक टीम गठित की। टीम में डॉ. हरीश कुमार चिकित्सा अधिकारी, पलरा और औषधि नियंत्रण अधिकारी अमनदीप चौहान शामिल थे। टीम ने नकली ग्राहक को दो हजार रुपये देकर बंगाली क्लीनिक भेजकर क्लीनिक पर मौजूद परेश एन नुनिया को एमटीपी किट देते पकड़ लिया। इसके बाद अधिकृत टीम ने क्लीनिक का निरीक्षण किया और खुद को डॉक्टर बताने वाले परेश एन नूनिया से पूछताछ की गई। उसने बताया कि वह पंजीकृत चिकित्सक है और अपना प्रमाणपत्र दिखाया, जिसे टीम ने मौके पर सत्यापित किया और निष्कर्ष निकाला कि वह एनएमसी अधिनियम के तहत पंजीकृत चिकित्सक नहीं है और एलोपैथिक दवाओं का व्यवसाय नहीं कर सकता। टीम ने मेसर्स बंगाली क्लीनिक संचालक परेश एन नूनिया और फैजल को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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