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Gurugram News: आर्य समाज मंदिर तोड़फोड़ मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, अदालत से मिली जमानत
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- आर्य समाज मंदिर तोड़फोड़ मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, अदालत से मिली जमानत
-गांव रनसीका की घटना, हिंदू समाज में रोष; आरोपियों पर हल्की धाराएं लगाने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। आर्य समाज मंदिर रनसीका में हुई तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने ताहिर और फरीद नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी हरिकिशन ने बताया कि दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
गौरतलब है कि 11 अगस्त को कुछ लोगों ने मंदिर में घुसकर तोड़फोड़ की थी। इस मामले में आर्य समाज रनसीका के प्रधान बलबीर आर्य का आरोप है कि पुलिस ने हल्की धाराओं में केस दर्ज किया, जिस कारण आरोपियों को तुरंत जमानत मिल गई। उनका कहना है कि लाठी लेकर मंदिर में घुसना और धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाना गंभीर अपराध है। इससे दो धर्मों के बीच अशांति फैल सकती थी, इसलिए बीएनएस की संगीन धाराओं में केस दर्ज होना चाहिए था।
बलबीर आर्य ने उच्चाधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, कुछ भाजपा नेताओं ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। वहीं दूसरी ओर, गिरफ्तार आरोपी ताहिर और फरीद का कहना है कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और दर्ज कराया गया केस पूरी तरह आधारहीन है।
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-गांव रनसीका की घटना, हिंदू समाज में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। आर्य समाज मंदिर रनसीका में हुई तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने ताहिर और फरीद नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी हरिकिशन ने बताया कि दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
गौरतलब है कि 11 अगस्त को कुछ लोगों ने मंदिर में घुसकर तोड़फोड़ की थी। इस मामले में आर्य समाज रनसीका के प्रधान बलबीर आर्य का आरोप है कि पुलिस ने हल्की धाराओं में केस दर्ज किया, जिस कारण आरोपियों को तुरंत जमानत मिल गई। उनका कहना है कि लाठी लेकर मंदिर में घुसना और धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाना गंभीर अपराध है। इससे दो धर्मों के बीच अशांति फैल सकती थी, इसलिए बीएनएस की संगीन धाराओं में केस दर्ज होना चाहिए था।
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बलबीर आर्य ने उच्चाधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, कुछ भाजपा नेताओं ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। वहीं दूसरी ओर, गिरफ्तार आरोपी ताहिर और फरीद का कहना है कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और दर्ज कराया गया केस पूरी तरह आधारहीन है।
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