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Gurugram News: साइबर ठगों को बैंक खाते मुहैया कराने वाले दो आरोपी हत्थे चढ़े
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18 डेबिट कार्ड, दो मोबाइल, दो पासबुक, दो चेकबुक, लैपटॉप व अन्य सामान बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर अपराध थाना पश्चिम की पुलिस टीम ने साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक आरोपी शेखर सुमन से 18 डेबिट कार्ड, दो मोबाइल, दो बैंक पासबुक, दो चेकबुक, सात सिम कार्ड, एक लैपटॉप और एक टैबलेट बरामद किया है।
साइबर अपराध थाना पश्चिम की पुलिस टीम को पांच जून को सूचना मिली थी कि एक युवक होटल स्टार-की में ऑनलाइन ठगी का काम कर रहा है। पुलिस ने होटल में दबिश दी तो एक कमरे में शेखर सुमन नामक युवक ऑनलाइन ठगी करता मिला। आरोपी शेखर सुमन अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत साइबर अपराध थाना पश्चिम में मामला दर्ज किया। आरोपी से पूछताछ के उसके एक साथी रजत को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी साइबर अपराध) प्रियांशु दीवान ने बताया कि साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के मामले में सीतामढ़ी (बिहार) के सूरतमंद निवासी शेखर सुमन को गिरफ्तार कर पूछताछ की। आरोपी की पहचान पर पुलिस ने छह जून को उसके साथी जींद (हरियाणा) निवासी रजत को गिरफ्तार किया था।
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एसीपी प्रियांशु दीवान ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि आरोपी शेखर सुमन व रजत दोनों कॉलेज के समय से ही दोस्त हैं। दोनों नोएडा में कैफे चलाते हैं और यहां उन्होंने लोगों को यूएसडीटी/क्रिप्टो करेंसी की खरीद व बेच करके अच्छा मुनाफा कमाते हुए देखा। आरोपी रजत ने भी कम समय में ज्यादा रुपये कमाने के इरादे से टेलीग्राम के माध्यम से यूएसडीटी खरीदने बेचने वाले व्यक्तियों से संपर्क किया और अपने साथी आरोपी शेखर को बताया कि कुछ लोग साइबर फ्रॉड करके उन रुपयों को यूएसडीटी और क्रिप्टो करेंसी में बदलते हैं। ऐसे वे यूएसडीटी को अधिक रुपये में खरीद लेते थे।
आरोपी भी टेलीग्राम के माध्यम से जुड़ गए और आरोपी सस्ते दामों में यूएसडीटी खरीदकर साइबर फ्रॉड करने वाले को महंगे दामों में बेच देते। साइबर फ्रॉड वाले लोग इन्हें सीधे बैंक खातों में यूएसडीटी के रुपये देते थे। इन रुपयों को डेबिट कार्ड के माध्यम से निकालकर किसी अन्य व्यक्ति को दे देते थे और अपना कमीशन रख लेते थे। दोनों आरोपी शेखर सुमन और रजत लोगों को झूठ बोलकर और दो हजार से चार हजार रुपये का लालच देकर उनका बैंक खाता खरीदकर साइबर ठगों को देते थे। आरोपियों ने यूएसडीटी खरीदकर और बेचकर करीब तीन लाख रुपये कमीशन कमाया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर अपराध थाना पश्चिम की पुलिस टीम ने साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक आरोपी शेखर सुमन से 18 डेबिट कार्ड, दो मोबाइल, दो बैंक पासबुक, दो चेकबुक, सात सिम कार्ड, एक लैपटॉप और एक टैबलेट बरामद किया है।
साइबर अपराध थाना पश्चिम की पुलिस टीम को पांच जून को सूचना मिली थी कि एक युवक होटल स्टार-की में ऑनलाइन ठगी का काम कर रहा है। पुलिस ने होटल में दबिश दी तो एक कमरे में शेखर सुमन नामक युवक ऑनलाइन ठगी करता मिला। आरोपी शेखर सुमन अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत साइबर अपराध थाना पश्चिम में मामला दर्ज किया। आरोपी से पूछताछ के उसके एक साथी रजत को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
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सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी साइबर अपराध) प्रियांशु दीवान ने बताया कि साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के मामले में सीतामढ़ी (बिहार) के सूरतमंद निवासी शेखर सुमन को गिरफ्तार कर पूछताछ की। आरोपी की पहचान पर पुलिस ने छह जून को उसके साथी जींद (हरियाणा) निवासी रजत को गिरफ्तार किया था।
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एसीपी प्रियांशु दीवान ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि आरोपी शेखर सुमन व रजत दोनों कॉलेज के समय से ही दोस्त हैं। दोनों नोएडा में कैफे चलाते हैं और यहां उन्होंने लोगों को यूएसडीटी/क्रिप्टो करेंसी की खरीद व बेच करके अच्छा मुनाफा कमाते हुए देखा। आरोपी रजत ने भी कम समय में ज्यादा रुपये कमाने के इरादे से टेलीग्राम के माध्यम से यूएसडीटी खरीदने बेचने वाले व्यक्तियों से संपर्क किया और अपने साथी आरोपी शेखर को बताया कि कुछ लोग साइबर फ्रॉड करके उन रुपयों को यूएसडीटी और क्रिप्टो करेंसी में बदलते हैं। ऐसे वे यूएसडीटी को अधिक रुपये में खरीद लेते थे।
आरोपी भी टेलीग्राम के माध्यम से जुड़ गए और आरोपी सस्ते दामों में यूएसडीटी खरीदकर साइबर फ्रॉड करने वाले को महंगे दामों में बेच देते। साइबर फ्रॉड वाले लोग इन्हें सीधे बैंक खातों में यूएसडीटी के रुपये देते थे। इन रुपयों को डेबिट कार्ड के माध्यम से निकालकर किसी अन्य व्यक्ति को दे देते थे और अपना कमीशन रख लेते थे। दोनों आरोपी शेखर सुमन और रजत लोगों को झूठ बोलकर और दो हजार से चार हजार रुपये का लालच देकर उनका बैंक खाता खरीदकर साइबर ठगों को देते थे। आरोपियों ने यूएसडीटी खरीदकर और बेचकर करीब तीन लाख रुपये कमीशन कमाया था।