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Gurugram News: कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे पर सफर हो रहा मुश्किल
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-जगह जगह से टूट गई है सड़क, शिकायतों के बाद भी नहीं की जा रही मरम्मत
-अन्य सुविधाएं भी नदारद, परेशान हैं सफर करने वाले।
शेरसिंह डागर,
नूंह। लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेसवे अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाने लगा है। एक्सप्रेस वे जगह-जगह से टूट गया है। इससे इस पर चलने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह सड़क इतनी टूटी हुई है कि वाहन के क्षतिग्रस्त होने से लेकर हादसे तक का खतरा रहता है। सुरक्षा से लेकर अन्य सुविधाएं भी नदारद हैं। इससे वाहन चालक खासे परेशान हैं।
बता दें कि प्रधानमंत्री ने करीब साढ़े सात वर्ष पहले केएमपी एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर इसे शुरू कराया था। पलवल से कुंडली तक इस एक्सप्रेसवे तक कई टोल टैक्स बैरियर हैं। कुंडली से पलवल तक करीब 135 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर दो पेट्रोल पंप तो मौजूद हैं, लेकिन प्रापर स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था नहीं है। इससे भी बुरा हाल मानेसर से कुंडली तक का हैं। स्ट्रीट लाइटें कुछ जगह लगा दी गई हैं। बाकी स्थानों पर इनका इंतजार किया जा रहा है। सुरक्षा के लिए पीसीआर एक-दो जगह दिन में तो नजर आ आती है, लेकिन शाम होने के बाद नहीं दिखाई देती। नूंह के रेवासन टोल प्लाजा पर भी पूरे दिन पुलिस की वैन गश्त करने के बजाय खड़ी रहती है। यह स्थिति तब है जब यहां लूटपाट की कई वारदातें हो चुकी हैं।
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डीजल पेट्रोल डलवाकर करें सफर :
अगर आपको इस एक्सप्रेस वे पर सफर करना है तो अपनी गाड़ी की टंकी को फुल करा लें, क्योंकि इस 135 किलोमीटर के सफर में एक- दो जगह ही पेट्रोल पंप हैं। साथ ही अपने टायरों को भी बेहतर तरीके से चेक कर लें, अगर गाड़ी के टायर कमजोर हैं तो इस पर सफर बिल्कुल न करें। दरअसल यहां पंचर जोड़ने वाला भी मौजूद नहीं है।
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नहीं जलतीं लाइटें :
जहां कहीं भी लाइटें लगी हुई हैं वो पूरी तरह से नहीं जलती है। ऐसे में यहां असुरक्षा महसूस की जा रही है। ऐसे में रात नहीं आया अधिकांश स्थानों पर अंधेरा रहता है। जिसके कारण वारदात को आसानी से अंजाम दिया जा सकता है। अतीत में ऐसी दर्जनों घटनाएं हो भी चुकी है।
टूटने लगा रोड
अभी इस हाइवे को बने लगभग 8 वर्ष हुए हैं। लेकिन इसमें जगह-जगह गहरे गड्ढे बन रहे हैं। जो रात में दिखाई नहीं देते। बारिश में और भी दिक्कत बढ़ जाती है। ऐसे में इनकी मरम्मत न होना भी चालकों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है । लोगों की मांग है प्रशासन सबसे पहले इस हाइवे को मरम्मत कर दुरुस्त कराएं।
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वर्जन
नूंह क्षेत्र के अंतर्गत एक्सप्रेसवे पर जो कमियां हैं उनके बारे में संबंधित विभाग को लिखकर उन्हें दूर कराया जाएगा। यह मेवात को जोड़ने वाला प्रमुख हाईवे है, इसलिए इसकी सुविधाओं पर ध्यान दिया जाएगा।
प्रशांत पंवार, उपायुक्त
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-अन्य सुविधाएं भी नदारद, परेशान हैं सफर करने वाले।
शेरसिंह डागर,
नूंह। लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेसवे अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाने लगा है। एक्सप्रेस वे जगह-जगह से टूट गया है। इससे इस पर चलने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह सड़क इतनी टूटी हुई है कि वाहन के क्षतिग्रस्त होने से लेकर हादसे तक का खतरा रहता है। सुरक्षा से लेकर अन्य सुविधाएं भी नदारद हैं। इससे वाहन चालक खासे परेशान हैं।
बता दें कि प्रधानमंत्री ने करीब साढ़े सात वर्ष पहले केएमपी एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर इसे शुरू कराया था। पलवल से कुंडली तक इस एक्सप्रेसवे तक कई टोल टैक्स बैरियर हैं। कुंडली से पलवल तक करीब 135 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर दो पेट्रोल पंप तो मौजूद हैं, लेकिन प्रापर स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था नहीं है। इससे भी बुरा हाल मानेसर से कुंडली तक का हैं। स्ट्रीट लाइटें कुछ जगह लगा दी गई हैं। बाकी स्थानों पर इनका इंतजार किया जा रहा है। सुरक्षा के लिए पीसीआर एक-दो जगह दिन में तो नजर आ आती है, लेकिन शाम होने के बाद नहीं दिखाई देती। नूंह के रेवासन टोल प्लाजा पर भी पूरे दिन पुलिस की वैन गश्त करने के बजाय खड़ी रहती है। यह स्थिति तब है जब यहां लूटपाट की कई वारदातें हो चुकी हैं।
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डीजल पेट्रोल डलवाकर करें सफर :
अगर आपको इस एक्सप्रेस वे पर सफर करना है तो अपनी गाड़ी की टंकी को फुल करा लें, क्योंकि इस 135 किलोमीटर के सफर में एक- दो जगह ही पेट्रोल पंप हैं। साथ ही अपने टायरों को भी बेहतर तरीके से चेक कर लें, अगर गाड़ी के टायर कमजोर हैं तो इस पर सफर बिल्कुल न करें। दरअसल यहां पंचर जोड़ने वाला भी मौजूद नहीं है।
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नहीं जलतीं लाइटें :
जहां कहीं भी लाइटें लगी हुई हैं वो पूरी तरह से नहीं जलती है। ऐसे में यहां असुरक्षा महसूस की जा रही है। ऐसे में रात नहीं आया अधिकांश स्थानों पर अंधेरा रहता है। जिसके कारण वारदात को आसानी से अंजाम दिया जा सकता है। अतीत में ऐसी दर्जनों घटनाएं हो भी चुकी है।
टूटने लगा रोड
अभी इस हाइवे को बने लगभग 8 वर्ष हुए हैं। लेकिन इसमें जगह-जगह गहरे गड्ढे बन रहे हैं। जो रात में दिखाई नहीं देते। बारिश में और भी दिक्कत बढ़ जाती है। ऐसे में इनकी मरम्मत न होना भी चालकों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है । लोगों की मांग है प्रशासन सबसे पहले इस हाइवे को मरम्मत कर दुरुस्त कराएं।
वर्जन
नूंह क्षेत्र के अंतर्गत एक्सप्रेसवे पर जो कमियां हैं उनके बारे में संबंधित विभाग को लिखकर उन्हें दूर कराया जाएगा। यह मेवात को जोड़ने वाला प्रमुख हाईवे है, इसलिए इसकी सुविधाओं पर ध्यान दिया जाएगा।
प्रशांत पंवार, उपायुक्त