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Gurugram News: मेट्रो के विस्तार में ट्रैफिक, पार्किंग और हरियाली का रखा जाएगा ध्यान
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पूरे ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को ध्यान में रखकर बनाई जाएगी योजना
जीएमआरएल दो सप्ताह में देगा फेज-1 के सभी स्टेशनों का पार्किंग प्लान
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रो के विस्तार की योजना शहर के व्यापक परिवहन नेटवर्क को ध्यान में रखकर तैयार की जाएगी। मेट्रो स्टेशनों के डिजाइन और अलाइनमेंट में पार्किंग, यातायात संचालन, पैदल यात्रियों की आवाजाही और भविष्य की सड़क परियोजनाओं को शामिल किया जाएगा। यह निर्देश जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा ने गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) के अधिकारियों के साथ हुई समन्वय बैठक में दिए।
सीईओ ने जीएमआरएल को दो सप्ताह के भीतर फेज-1 के सभी स्टेशनों का स्टेशनवार पार्किंग प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्टेशनों पर पर्याप्त पार्किंग और पिक-एंड-ड्रॉप की सुविधा होनी चाहिए, ताकि आसपास की सड़कों पर यातायात का दबाव नहीं बढ़े। जरूरत पड़ने पर प्रस्तावित मेट्रो स्टेशनों के पास उपलब्ध सरकारी जमीन का इस्तेमाल पार्किंग के लिए किया जा सकता है। पीसी मीणा ने कहा कि मेट्रो की दीर्घकालीन योजना बनाते समय भविष्य में सड़क चौड़ीकरण और ग्रेड सेपरेटर जैसी परियोजनाओं के लिए आवश्यक राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) भी सुरक्षित रखा जाए। फेज-1 में बख्तावर चौक पर भविष्य में अंडरपास की संभावनाओं के लिए किए गए प्रावधान का उदाहरण देते हुए उन्होंने फेज-2 में भी इसी तरह की दूरदर्शी योजना बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में बजघेड़ा चौक, ओल्ड दिल्ली-गुरुग्राम रोड और सेक्टर-21 पर इंटीग्रेटेड व डबल डेकर समाधान के अलावा सेक्टर-3/3ए/4/5 चौक, शीतला माता चौक और रेजांगला चौक पर संभावित अंडरपास को लेकर भी चर्चा हुई। सीईओ ने सुशील आइमा मार्ग पर प्रस्तावित मेट्रो अलाइनमेंट का जीएमआरएल अधिकारियों के साथ संयुक्त साइट निरीक्षण करने की बात कही। अलाइनमेंट से मौजूदा हरित क्षेत्र पर कम से कम प्रभाव पड़े, इसलिए सुशील कुमार मार्ग पर पेड़ों की कटाई नहीं करने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक अलाइनमेंट तलाशने के निर्देश भी दिए गए।
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सेक्टर-37 और बसई के एफओबी होंगे शिफ्ट
मेट्रो अलाइनमेंट की जद में आने वाले मौजूदा बुनियादी ढांचे को भी दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। सेक्टर-37 और बसई के फुटओवर ब्रिज हटाकर उपयुक्त स्थानों पर दोबारा बनाए जाएंगे। इन्हें हटाने का काम जीएमआरएल करेगा, जबकि नई जगह पर एफओबी का निर्माण जीएमडीए की ओर से किया जाएगा। मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर-37, बसई और सेक्टर-9 में प्रभावित होने वाले बस स्टॉप भी दूसरी जगह शिफ्ट किए जाएंगे। इसके अलावा अलाइनमेंट के रास्ते में आने वाली एचसीजी गैस पाइपलाइन की शिफ्टिंग का काम भी चल रहा है। प्रस्तावित गुरुग्राम मेट्रो कॉरिडोर करीब 28.5 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक का मुख्य कॉरिडोर और बसई गांव से द्वारका एक्सप्रेसवे की ओर 1.85 किलोमीटर का स्पर शामिल है। फेज-1 में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक 15.3 किलोमीटर का हिस्सा और 1.85 किलोमीटर का स्पर शामिल है। फेज-2 में मेट्रो को सेक्टर-9 से साइबर सिटी की ओर आगे बढ़ाया जाएगा।
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जीएमआरएल दो सप्ताह में देगा फेज-1 के सभी स्टेशनों का पार्किंग प्लान
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रो के विस्तार की योजना शहर के व्यापक परिवहन नेटवर्क को ध्यान में रखकर तैयार की जाएगी। मेट्रो स्टेशनों के डिजाइन और अलाइनमेंट में पार्किंग, यातायात संचालन, पैदल यात्रियों की आवाजाही और भविष्य की सड़क परियोजनाओं को शामिल किया जाएगा। यह निर्देश जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा ने गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) के अधिकारियों के साथ हुई समन्वय बैठक में दिए।
सीईओ ने जीएमआरएल को दो सप्ताह के भीतर फेज-1 के सभी स्टेशनों का स्टेशनवार पार्किंग प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्टेशनों पर पर्याप्त पार्किंग और पिक-एंड-ड्रॉप की सुविधा होनी चाहिए, ताकि आसपास की सड़कों पर यातायात का दबाव नहीं बढ़े। जरूरत पड़ने पर प्रस्तावित मेट्रो स्टेशनों के पास उपलब्ध सरकारी जमीन का इस्तेमाल पार्किंग के लिए किया जा सकता है। पीसी मीणा ने कहा कि मेट्रो की दीर्घकालीन योजना बनाते समय भविष्य में सड़क चौड़ीकरण और ग्रेड सेपरेटर जैसी परियोजनाओं के लिए आवश्यक राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) भी सुरक्षित रखा जाए। फेज-1 में बख्तावर चौक पर भविष्य में अंडरपास की संभावनाओं के लिए किए गए प्रावधान का उदाहरण देते हुए उन्होंने फेज-2 में भी इसी तरह की दूरदर्शी योजना बनाने के निर्देश दिए।
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बैठक में बजघेड़ा चौक, ओल्ड दिल्ली-गुरुग्राम रोड और सेक्टर-21 पर इंटीग्रेटेड व डबल डेकर समाधान के अलावा सेक्टर-3/3ए/4/5 चौक, शीतला माता चौक और रेजांगला चौक पर संभावित अंडरपास को लेकर भी चर्चा हुई। सीईओ ने सुशील आइमा मार्ग पर प्रस्तावित मेट्रो अलाइनमेंट का जीएमआरएल अधिकारियों के साथ संयुक्त साइट निरीक्षण करने की बात कही। अलाइनमेंट से मौजूदा हरित क्षेत्र पर कम से कम प्रभाव पड़े, इसलिए सुशील कुमार मार्ग पर पेड़ों की कटाई नहीं करने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक अलाइनमेंट तलाशने के निर्देश भी दिए गए।
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सेक्टर-37 और बसई के एफओबी होंगे शिफ्ट
मेट्रो अलाइनमेंट की जद में आने वाले मौजूदा बुनियादी ढांचे को भी दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। सेक्टर-37 और बसई के फुटओवर ब्रिज हटाकर उपयुक्त स्थानों पर दोबारा बनाए जाएंगे। इन्हें हटाने का काम जीएमआरएल करेगा, जबकि नई जगह पर एफओबी का निर्माण जीएमडीए की ओर से किया जाएगा। मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर-37, बसई और सेक्टर-9 में प्रभावित होने वाले बस स्टॉप भी दूसरी जगह शिफ्ट किए जाएंगे। इसके अलावा अलाइनमेंट के रास्ते में आने वाली एचसीजी गैस पाइपलाइन की शिफ्टिंग का काम भी चल रहा है। प्रस्तावित गुरुग्राम मेट्रो कॉरिडोर करीब 28.5 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक का मुख्य कॉरिडोर और बसई गांव से द्वारका एक्सप्रेसवे की ओर 1.85 किलोमीटर का स्पर शामिल है। फेज-1 में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक 15.3 किलोमीटर का हिस्सा और 1.85 किलोमीटर का स्पर शामिल है। फेज-2 में मेट्रो को सेक्टर-9 से साइबर सिटी की ओर आगे बढ़ाया जाएगा।