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Gurugram News: दूसरे दिन भी देश में तीसरा सबसे प्रदूषित रहा जिला ग्रेप का दूसरा चरण लागू, बढ़ीं पाबंदियां

Mon, 23 Jan 2023 04:06 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 23 Jan 2023 04:06 PM IST
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Third most polluted city
- एक्यूूआई 296 रहा
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अमर उजाला ब्यूरो



फरीदाबाद। दूसरे दिन भी जिला देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी सूची के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक 296 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण की खराब श्रेणी में आता है। इसके साथ ही ग्रेप का दूसरा चरण लागू कर दिया गया, लेकिन पहले दिन ही सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। कहीं भट्टी में तंदूर पक रहा था तो कहीं बिजली जाने पर डीजल जनरेट धुआं उड़ता देखा गया।

जिले में पिछले कुछ दिनों से हवा खराब श्रेणी में बनी हुई है। प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को स्मार्ट सिटी फरीदाबाद देश के 172 शहरों में सूची में पहले स्थान पर रहा था। इसके बाद भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारियों की ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाए गए। बृहस्पतिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक में मामूली सुधार होने बावजूद फरीदाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों में तीसरे स्थान पर रहा। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के नियमानुसार होटल, रेस्तरां व भोजनालयों में तंदूर में लकड़ी और कोयले का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर का इस्तेमाल करना प्रतिबंधित है। ट्रैफिक जाम वाली सभी सड़कों पर ट्रैफिक कर्मियों को लगाना चाहिए, जिससे जाम न लगे।
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बृहस्पतिवार को इन नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई गईं। सेक्टर-23 पंजाब रोलिंग चौक स्थित होटल, एनआईटी पांच स्थित ढाबा, नीलम बाटा रोड स्थित ढाबों पर तंदूर में कोयले का इस्तेमाल करते देखने को मिला। इसी तरह ग्रेटर फरीदाबाद की सोसाइटियों में बिजली कटौती के कारण दिनभर डीजल जनरेटर चले। वहीं सेक्टर-15 स्थित उपायुक्त कार्यालय सड़क, सेक्टर-17, ओल्ड फरीदाबाद, पटेल चौक-बड़खल सड़क, हार्डवेयर चौक, प्याली चौक पर दिनभर धूल उड़ती रही। नगर निगम ने दावा किया था कि सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। बल्लभगढ़ सोहना रोड, सेक्टर-23 बिजली कार्यालय के बाहर, एनआईटी पांच स्थित सरकारी स्कूल के बाद खुले में पड़ी निर्माण सामग्री पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में अधिकारियों की लापरवाही लोगों की सांसों पर भारी पड़ रही है।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी सूची के अनुसार बृहस्पतिवार को फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 296 दर्ज किया गया, जो बुधवार की तुलना में 8 अंक कम है। अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से देखा जाए तो एनआईटी क्षेत्र की हवा सबसे अधिक खराब रही। यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 340 दर्ज किया गया। सेक्टर-30 का 318, सेक्टर 11 क्षेत्र में 289, सेक्टर 16ए क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 238 दर्ज किया गया। इसके मुकाबले बल्लभगढ़ क्षेत्र की हवा काफी साफ रही। यहां का एक्यूआई 73 दर्ज किया गया।




वर्जन

हवा की गति लगभग थम गई है, जिससे प्रदूषित कण एक जगह इकट्ठा होकर प्रदूषण के बढ़ने का कारण बन रहे हैं। हम प्रदूषण संबंधित गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। कोई भी उल्लंघन मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



- दिनेश, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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