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दर्दनाक: भाई को दर्द में देख दौड़ा दूसरा भाई, गिरते ही पिस्टल से चली गोली सिर में जा धंसी, दोनों की मौत
Thu, 07 Aug 2025 10:32 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम
अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम
Published by: Digvijay Singh
Updated Thu, 07 Aug 2025 10:32 PM IST
सार
बिलासपुर क्षेत्र के लांगड़ा गांव निवासी कांस्टेबल शक्ति सिंह (30 वर्ष) नूंह में जज के गनमैन के रूप में तैनात था। बुधवार रात 9.30 बजे शक्ति सिंह ड्यूटी से लौटकर घर आया और सरकारी पिस्टल साफ करने लगा। इसी दौरान उसके चचेरे भाई नवीन के सीने में अचानक दर्द होने लगा। जब शक्ति सिंह उसे देखने के लिए दौड़ा तो उसका पैर फिसल गया और नीचे गिरते ही हाथ में पकड़ी पिस्टल से गोली चल गई जो उसके सिर में लगी।
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Dead body demo
- फोटो : istock
विस्तार
मौत ने बिलासपुर के लांगड़ा गांव में दो भाईयों पर एक साथ झपट्टा मारा। रात में अपनी पिस्टल साफ करते हुए जज के गनमैन कांस्टेबल को खबर मिली कि चचेरे भाई के सीने में दर्द है तो वह उसे देखने के लिए दौड़ा। इस बीच पैर फिसला तो नीचे गिरने से पिस्टल चल गई, जिससे गोली उसके सिर में जा लगी। कांस्टेबल की अस्पताल ले जाते हुए मौत हो गई, जबकि जिस भाई के सीने में दर्द हुआ, उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। गांव में एक ही परिवार में दो मौत होने पर लोग शोक में डूबे हैं।
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बिलासपुर क्षेत्र के लांगड़ा गांव निवासी कांस्टेबल शक्ति सिंह (30 वर्ष) नूंह में जज के गनमैन के रूप में तैनात था। बुधवार रात 9.30 बजे शक्ति सिंह ड्यूटी से लौटकर घर आया और सरकारी पिस्टल साफ करने लगा। इसी दौरान उसके चचेरे भाई नवीन के सीने में अचानक दर्द होने लगा। जब शक्ति सिंह उसे देखने के लिए दौड़ा तो उसका पैर फिसल गया और नीचे गिरते ही हाथ में पकड़ी पिस्टल से गोली चल गई जो उसके सिर में लगी। आनन-फानन में दोनों भाइयों को अलग-अलग अस्पतालों ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
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चाचा को खाना खाने के लिए दी थी आवाज
मृत कांस्टेबल शक्ति सिंह के पिता कृष्ण कुमार ने पुलिस को बताया कि उन्होंने शक्ति को खेत में पानी दे रहे चाचा रामपाल को खाना खाने के लिए बुलाने को कहा था। पिस्टल साफ करने के दौरान ही चचेरे भाई नवीन की छाती में दर्द उठा तो शक्ति दौड़कर आया, पर उसका पैर फिसल गया। वह अपने भतीजे नवीन को छाती में दर्द की शिकायत पर तावडू के अस्पताल ले जा रहे थे। तभी उनका भाई रामपाल शक्ति को कंधे पर उठाकर लाया। नवीन को तावडू के अस्पताल में, जबकि शक्ति सिंह को मानेसर के अस्पताल में भर्ती कराने ले गए। चिकित्सकों ने शक्ति सिंह को मृत घोषित कर दिया। यह एक हादसा है।
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जांच अधिकारी बिरेंद्र ने बताया कि मृत कांस्टेबल के परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिसमें पैर फिसलने के दौरान पिस्टल से चली गोली उसके सिर में लग गई थी और उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की हर पहलू से छानबीन की जा रही है।