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Gurugram News: सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से डीएलएफ एरिया के 4500 मकानों को फिलहाल राहत

Wed, 29 Oct 2025 12:37 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 29 Oct 2025 12:37 AM IST
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The Supreme Court's decision brings relief to 4,500 houses in the DLF area.
डीएलएफ फेज-1 से पांच में अवैध निर्माण व सीलिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला, हाईकोर्ट छह माह में पूरी करे सुनवाई
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अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। डीएलएफ फेज-एक से पांच में अवैध निर्माण और सीलिंग मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को सुनवाई के लिए केस हाईकोर्ट में दोबारा भेज दिया है। इसमें 4500 से अधिक मकान मालिकों को फिलहाल राहत मिल गई है। नोटिस प्राप्त करने वाले मकान मालिक हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए 14 दिन में याचिका दायर कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट को छह माह के भीतर सुनवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर डीएलएफ क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर डीटीपीई ने कार्रवाई शुरू की थी। डीटीपीई की जांच में करीब 4500 मकान अवैध निर्माण पाए गए थे, जिनमें अवैध निर्माण या व्यावसायिक गतिविधियां पाई गईं। विभाग की ओर से इन मकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और सात दिन में जवाब मांगा गया था। संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभाग ने रेस्टोरेशन के आदेश जारी करते हुए आक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) रद करने और पानी, सीवर व बिजली कनेक्शन काटने के लिए डीटीपी (प्लानिंग) को सिफारिश भेज दी। डीटीपीई ने सीलिंग की कार्रवाई शुरू की तो लोग सुप्रीम कोर्ट चले गए थे। मंगलवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए भेज दिया है। ऐसे में हाईकोर्ट में सुनवाई तक ऐसे मकानों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकेगी।
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4500 मकानों को जारी किए गए हैं नोटिस
प्रवर्तन टीम ने 4500 से अधिक मकानों को कारण बताओ नोटिस और करीब 2100 मकानों को रेस्टोरेशन यानि खुद सुधार के आदेश दिया हुआ है। डीटीपीई ने इन मकानों के ओसी रद्द करने और सीवर, पानी, बिजली कनेक्शन काटने की भी डीटीपी प्लानिंग को सिफारिश किया हुआ है। गुुुरुग्राम में डीएलएफ जैसी पॉश कॉलोनी में यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के 13 फरवरी के आदेश के तहत की जा रही थी। डीएलएफ सिटी आरडब्ल्यूए ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। इसी के तहत ऐसे भवनों पर कार्रवाई की गई थी।
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क्या है मामला
डीएलएफ सिटी आरडब्ल्यूए ने साल 2020 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने डीएलएफ इलाके का सर्वे कर कार्रवाई के आदेश जारी किए थे। जिला नगर योजनाकार के प्रवर्तन शाखा (डीटीपीई) की तरफ से डीएलएफ इलाके में चल रही गतिविधियों को लेकर टीम गठित की गई और सर्वे शुरू कराया गया था। इसी के दौरान डीएलएफ फेज पांच में 81 ईडब्ल्यूएस मकानों की ओसी रद्द कर दी गई थी। आरोप हैं कईयों में पीजी, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट, जनरल स्टोर, ब्यूटी पार्लर, सैलून, कमर्शियल प्रयोग, क्लीनिक समेत विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। कुछ लोगों ने अतिरिक्त निर्माण भी कर लिया है।


वर्जन-
सुप्रीम कोर्ट ने मामले को सुनवाई के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में भेज दिया है। हाईकोर्ट को छह माह में सुनवाई पूरी करने का निर्देश है। सुनवाई तक ऐसे भवनों पर कोई कार्रवाई नहीं की होगी, ऐसे में 4500 परिवारों को राहत मिल गई है।
- सतपाल यादव, पीड़ित पक्ष के वकील
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