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गाजियाबाद की संतोष यूनिवर्सिटी के संचालक का बेटा ठगी में गिरफ्तार

Mon, 19 Jul 2021 11:19 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jul 2021 11:19 PM IST
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The son of the director of Ghaziabad's Santosh University arrested for cheating
गुरुग्राम। फर्जी दस्तावेज के आधार पर 35 करोड़ रुपये का ऋण लेकर गबन करने के मामले में डीएलएफ फेज-3 थाना पुलिस ने गाजियाबाद की संतोष यूनिवर्सिटी के चेयरमैन के बेटे संतोष महालिंगम को शनिवार रात को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से फर्जी दस्तावेज व अन्य कागजात बरामद करने के साथ ही रकम का निवेश जानने के लिए रविवार को उसे ड्यूटी मजिस्ट्रेट सरिता सरोज की अदालत में पेश कर पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। उधर, आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका रद्द होने के बाद से यूनिवर्सिटी के संचालक डॉ. पी महालिंगम, उनकी बेटी शर्मिला महालिंगम व एक कर्मचारी फरार है।
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पीएम फिनकैप लिमिटेड के निदेशक राजेश गुलाटी ने दो जुलाई को डीएलएफ फेज-3 थाना पुलिस को संतोष यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि मैसर्स एसीबी (इंडिया ग्रुप) की नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी से मार्च 2015 में रसूखदारी का प्रमाण देते हुए राजनीतिक और अन्य प्रसिद्ध हस्तियों के साथ फोटो दिखाकर व अन्य साजिश के तहत उनकी कंपनी से 35 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। इस कर्ज की एवज में उन्होंने अकबरपुर, बेहरामपुर, मिर्जापुर की कृषि भूमि और प्रताप विहार के 272 फ्लैटों के दस्तावेज सिक्योरिटी के रूप में कंपनी के पास रखे थे। आरोपियों ने एग्रीमेंट में 30 सितंबर 2015 तक ब्याज सहित ऋण चुकता करने का भरोसा दिलाया था, लेकिन आरोपियों ने निर्धारित समय से ऋण चुकता नहीं किया। पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है।
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पुलिस को छानबीन के दौरान पता चला है कि डॉ. पी महालिंगम ने फाइनेंस कंपनी में गाजियाबाद की जिस 63 एकड़ जमीन को मारगेज पर रखा है, उस पर हुडको से 75 करोड़ व एसजीएस कंपनी से दस करोड़ पहले से ही लोन ले रखा है।
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थाना प्रभारी डीएलएफ फेज-3 के अनुसार मामले की जांच चल रही है। फरार तीनों आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। उधर, गिरफ्तार आरोपी संतोष से फर्जी कागजात व उसके निवेश के बारे में जानकारी ली जानी है। पुलिस ने अदालत से आरोपी की आठ दिन की रिमांड मांगा था, मगर अदालत की ओर से पांच दिन की रिमांड दी गई है।
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