फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   The smart road will provide information on alternative routes as soon as a traffic jam occurs.

Gurugram News: जाम लगते ही स्मार्ट रोड देगी वैकल्पिक रास्ते की जानकारी

Tue, 15 Sep 2026 06:10 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2026 06:10 PM IST
विज्ञापन
The smart road will provide information on alternative routes as soon as a traffic jam occurs.
छह सड़कें बनेंगी मॉडल, डिजिटल बोर्ड, पब्लिक अनाउंसमेंट और इमरजेंसी कॉल प्वाइंट से लैस होंगे प्रमुख मार्ग
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर की छह प्रमुख सड़कों को स्मार्ट मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाएगा। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की ओर से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इन सड़कों पर आधुनिक तकनीकी सुविधाएं विकसित करने की योजना तैयार की गई है। इन मार्गों पर जाम, डायवर्जन, खराब मौसम और आपात स्थिति की जानकारी वाहन चालकों तक रियल टाइम में पहुंचाई जा सकेगी।
जीएमडीए के प्रवक्ता के अनुसार, प्रथम चरण में एमजी रोड (इफको चौक से गोल्फ कोर्स रोड), हैमिल्टन कोर्ट रोड, व्यापार केंद्र रोड, अतुल कटारिया चौक से सिग्नेचर टावर, राजीव चौक से बख्तावर चौक (मेदांता रोड) और हीरो होंडा चौक से सेक्टर-29 तक के मार्ग को योजना में शामिल किया गया है। इन सड़कों पर लगाए जाने वाले सिस्टम को जीएमडीए के ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और सीसीटीवी निगरानी से जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन

योजना के तहत प्रमुख स्थानों पर डिजिटल मैसेज बोर्ड और वेरिएबल मैसेज साइनबोर्ड (वीएमएस) लगाए जाएंगे। इन पर जरूरत के अनुसार संदेश तत्काल बदले जा सकेंगे। किसी मार्ग पर जाम या डायवर्जन होने की स्थिति में वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग की जानकारी भी दी जा सकेगी। पूरा सिस्टम जीएमडीए के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से 24 घंटे निगरानी की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर इमरजेंसी कॉल प्वाइंट (ईसीपी) लगाए जाएंगे। दुर्घटना, सुरक्षा संबंधी खतरे या अन्य आपात स्थिति में नागरिक ईसीपी का बटन दबाकर पुलिस कंट्रोल रूम या आईसीसीसी से सीधे संपर्क कर सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रात के समय इन्हें आसानी से पहचानने के लिए फ्लैशिंग रेड लाइट और रिफ्लेक्टिव संकेत भी लगाए जाएंगे। महत्वपूर्ण चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम (पीएएस) भी लगाया जाएगा। इसके माध्यम से ट्रैफिक, सुरक्षा और आपदा संबंधी संदेश तत्काल प्रसारित किए जा सकेंगे। जीएमडीए के अनुसार, टेंडर आवंटन के बाद करीब चार माह में परियोजना पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed