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Gurugram News: धनवापुर और बेहरामपुर एसटीपी के शोधित पानी की गुणवत्ता होगी बेहतर
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दोनों संयंत्रों के अपग्रेडेशन पर 85 करोड़ रुपये खर्च, उद्योगों और बागवानी में बढ़ेगा उपयोग
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) धनवापुर और बेहरामपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के शोधित पानी की गुणवत्ता बेहतर बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। दोनों संयंत्रों के अपग्रेडेशन पर करीब 85 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य शोधित पानी का उद्योगों, निर्माण कार्यों और बागवानी में अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करना है।
जीएमडीए के बेहरामपुर स्थित 120 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी में फिलहाल 30 एमएलडी पानी का तृतीयक (टर्शियरी) स्तर तक शोधन किया जा रहा है। अब शेष 90 एमएलडी क्षमता को भी इसी स्तर तक अपग्रेड किया जा रहा है। इस पर करीब 33.88 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, धनवापुर स्थित 100 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी में 75 एमएलडी क्षमता का नया तृतीयक उपचार संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। इसमें डिजाइन, निर्माण, उपकरणों की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग सहित अन्य कार्य शामिल हैं। इस परियोजना पर करीब 51.30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। दोनों परियोजनाओं में अब तक लगभग 25 से 30 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
जीएमडीए का लक्ष्य भूजल दोहन कम करने के लिए शोधित पानी के उपयोग को बढ़ावा देना है। वर्तमान में एसटीपी का पानी उद्योगों, निर्माण कार्यों और बागवानी के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पानी की गुणवत्ता बेहतर होने से इसका उपयोग और अधिक क्षेत्रों में किया जा सकेगा। साथ ही ड्रेनों के माध्यम से छोड़े जाने वाले पानी की गुणवत्ता भी सुधरेगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।
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अपग्रेडेशन का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद शोधित पानी की गुणवत्ता और बेहतर होगी।पानी का प्रयोग विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग बढ़ाया जा सकेगा। -विभोर दुहन, कार्यकारी अभियंता, जीएमडीए
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) धनवापुर और बेहरामपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के शोधित पानी की गुणवत्ता बेहतर बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। दोनों संयंत्रों के अपग्रेडेशन पर करीब 85 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य शोधित पानी का उद्योगों, निर्माण कार्यों और बागवानी में अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करना है।
जीएमडीए के बेहरामपुर स्थित 120 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी में फिलहाल 30 एमएलडी पानी का तृतीयक (टर्शियरी) स्तर तक शोधन किया जा रहा है। अब शेष 90 एमएलडी क्षमता को भी इसी स्तर तक अपग्रेड किया जा रहा है। इस पर करीब 33.88 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, धनवापुर स्थित 100 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी में 75 एमएलडी क्षमता का नया तृतीयक उपचार संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। इसमें डिजाइन, निर्माण, उपकरणों की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग सहित अन्य कार्य शामिल हैं। इस परियोजना पर करीब 51.30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। दोनों परियोजनाओं में अब तक लगभग 25 से 30 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
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जीएमडीए का लक्ष्य भूजल दोहन कम करने के लिए शोधित पानी के उपयोग को बढ़ावा देना है। वर्तमान में एसटीपी का पानी उद्योगों, निर्माण कार्यों और बागवानी के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पानी की गुणवत्ता बेहतर होने से इसका उपयोग और अधिक क्षेत्रों में किया जा सकेगा। साथ ही ड्रेनों के माध्यम से छोड़े जाने वाले पानी की गुणवत्ता भी सुधरेगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।
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अपग्रेडेशन का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद शोधित पानी की गुणवत्ता और बेहतर होगी।पानी का प्रयोग विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग बढ़ाया जा सकेगा। -विभोर दुहन, कार्यकारी अभियंता, जीएमडीए