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Gurugram News: तबादले के लिए रिश्वत देने वाला पुलिसकर्मी भी अब जांच में फंसा
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- तबादले के लिए 50 हजार रुपये में हुई थी बात, 20 हजार रुपये ऑनलाइन किए थे ट्रांसफर
- रुपये लेने वाला आरोपी हो चुका है गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। रिश्वत देकर तबादला कराने की कोशिश में लगा पुलिसकर्मी भी अब जांच के घेरे में आ गया है। पुलिसकर्मी ने तबादला कराने के लिए आरोपी सुनील कुमार से 50 हजार रुपये में सौदा तय किया था। पुलिसकर्मी ने आरोपी को फोन-पे पर 20 हजार रुपये भी भेज दिए थे। इसके बाद तबादले की औपचारिकता पूरी करने के नाम पर 30 हजार रुपये पुलिसकर्मी से मांगे गए थे।
बाद में पुलिसकर्मी को अपने साथ धोखाधड़ी का शक हुआ तो उसने बुधवार को गुरुग्राम के सेक्टर-17/18 थाने में शिकायत दी थी। पुलिसकर्मी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रुपये लेने वाले आरोपी को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। मामला पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद अब पुलिसकर्मी की भी जांच हो रही है। एक पुलिसकर्मी ने सेक्टर-17/18 थाने में बीते बुधवार को शिकायत दी थी कि केंद्रीय मंत्री के पीए बनकर तबादले के नाम पर रेवाड़ी के जैनाबाद गांव निवासी सुनील कुमार ने उससे ठगी की है।
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने कहा कि तबादले के लिए रुपये देने वाला पुलिसकर्मी और रुपये लेने वाला आरोपी सुनील कुमार, दोनों ही दूसरे जिलों से हैं। दोनों के बीच तबादले को लेकर बातचीत गुरुग्राम के सेक्टर-17/18 थाना क्षेत्र में होने के कारण मामला दर्ज किया गया है।
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रिश्वत लेने और देने वालों पर दर्ज हो चुकी एफआईआर
सेक्टर-17/18 थाने में दर्ज एक मामले में रिश्वत लेने व देने वालों के खिलाफ अलग-अलग दो एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। रेवाड़ी के खलियावास गांव निवासी खेमचंद ने अपने दामाद को नारनौल कोर्ट में चतुर्थ श्रेणी पद पर नौकरी लगवाने के लिए बहादुर सिंह को 20 लाख रुपये दिए थे। नौकरी न लगने के बाद बहादुर सिंह द्वारा रुपये वापस नहीं देने पर खेमचंद ने सेक्टर-17/18 थाने में शिकायत दी थी। वहीं, पुलिस ने खेमचंद के खिलाफ भी सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हुए रुपये देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की हैै।
वर्जन
तबादले के लिए रुपये देने के मामले में पुलिसकर्मी की भूमिका की जांच होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। रिश्वत देने या लेने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
- करण गोयल, पुलिस उपायुक्त (पश्चिम), गुरुग्राम
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- तबादले के लिए 50 हजार रुपये में हुई थी बात, 20 हजार रुपये ऑनलाइन किए थे ट्रांसफर
- रुपये लेने वाला आरोपी हो चुका है गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। रिश्वत देकर तबादला कराने की कोशिश में लगा पुलिसकर्मी भी अब जांच के घेरे में आ गया है। पुलिसकर्मी ने तबादला कराने के लिए आरोपी सुनील कुमार से 50 हजार रुपये में सौदा तय किया था। पुलिसकर्मी ने आरोपी को फोन-पे पर 20 हजार रुपये भी भेज दिए थे। इसके बाद तबादले की औपचारिकता पूरी करने के नाम पर 30 हजार रुपये पुलिसकर्मी से मांगे गए थे।
बाद में पुलिसकर्मी को अपने साथ धोखाधड़ी का शक हुआ तो उसने बुधवार को गुरुग्राम के सेक्टर-17/18 थाने में शिकायत दी थी। पुलिसकर्मी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रुपये लेने वाले आरोपी को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। मामला पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद अब पुलिसकर्मी की भी जांच हो रही है। एक पुलिसकर्मी ने सेक्टर-17/18 थाने में बीते बुधवार को शिकायत दी थी कि केंद्रीय मंत्री के पीए बनकर तबादले के नाम पर रेवाड़ी के जैनाबाद गांव निवासी सुनील कुमार ने उससे ठगी की है।
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पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने कहा कि तबादले के लिए रुपये देने वाला पुलिसकर्मी और रुपये लेने वाला आरोपी सुनील कुमार, दोनों ही दूसरे जिलों से हैं। दोनों के बीच तबादले को लेकर बातचीत गुरुग्राम के सेक्टर-17/18 थाना क्षेत्र में होने के कारण मामला दर्ज किया गया है।
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रिश्वत लेने और देने वालों पर दर्ज हो चुकी एफआईआर
सेक्टर-17/18 थाने में दर्ज एक मामले में रिश्वत लेने व देने वालों के खिलाफ अलग-अलग दो एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। रेवाड़ी के खलियावास गांव निवासी खेमचंद ने अपने दामाद को नारनौल कोर्ट में चतुर्थ श्रेणी पद पर नौकरी लगवाने के लिए बहादुर सिंह को 20 लाख रुपये दिए थे। नौकरी न लगने के बाद बहादुर सिंह द्वारा रुपये वापस नहीं देने पर खेमचंद ने सेक्टर-17/18 थाने में शिकायत दी थी। वहीं, पुलिस ने खेमचंद के खिलाफ भी सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हुए रुपये देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की हैै।
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तबादले के लिए रुपये देने के मामले में पुलिसकर्मी की भूमिका की जांच होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। रिश्वत देने या लेने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
- करण गोयल, पुलिस उपायुक्त (पश्चिम), गुरुग्राम