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Gurugram News: हाईकोर्ट में डाली गई याचिकाओं पर 28 जुलाई को होगी सुनवाई

Tue, 14 Jul 2026 08:01 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2026 08:01 PM IST
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The petitions filed in the High Court will be heard on July 28.
मंगलवार को दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद अदालत ने दी तारीख
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डीएलएफ में जल्द शुरू हो सकती है सीलिंग व तोड़फोड़ की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। डीएलएफ क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित पीजी, गेस्ट हाउस व अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर सीलिंग और तोड़फोड़ मामले में मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़ में सुनवाई हुई। अदालत ने डाली गई याचिकाओं पर 28 जुलाई को दोबारा सुनवाई करने का फैसला सुनाया है। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद अदालत ने आगामी तारीख दी है। हालांकि, डीएलएफ में जल्द सीलिंग व तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू हो सकती है। जिन इमारत संबंधी केस अदालत में नहीं गए हैं, उन पर सीलिंग व तोड़फोड़ की तलवार लटकी हुई है।
डीएलएफ फेज-1, 2, 3, 4 व 5 में रिहायशी प्लॉटों में अवैध निर्माण, व्यावसायिक गतिविधियों, पीजी, गेस्ट हाउस व स्टिल्ट पार्किंग में किए गए निर्माणों को लेकर डीटीपी एनफाेर्समेंट विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है। फेज-3 में सीलिंग व तोड़फोड़ कार्रवाई की जा चुकी है। अब डीएलएफ फेज-4 में मकानों व इमारतों के मालिकों को नोटिस जारी करने के साथ ही यहां रहने वाले किरायेदारों के कमरों में पंपलेट डलवाए जा चुके हैं। इससे किरायेदार समय रहते कमरों व दुकानों को खाली कर दें। डीटीपी अमित मधोलिया ने स्पष्ट किया है कि सीलिंग होने के बाद कमरों से सामान निकालने की छूट नहीं दी जाएगी।
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डीटीपी एनफाेर्समेंट विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, अब तक करीब 5099 संपत्तियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें मकान व इमारत शामिल हैं, जोकि रिहायशी उपयोग के लिए स्वीकृत हैं और उनमें व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करके लोग रुपये कमा रहे हैं। इन मकान व इमारतों के मालिकों ने नक्शा अनुसार भवन न बनवाकर अपनी सुविधा के तहत कमराें, बालकनी, सीढि़यां, पार्किंग क्षेत्र बना लिए हैं, जोकि अवैध निर्माण की श्रेणी में आते हैं। हालांकि स्थानीय निवासी प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन से जुर्माना लगाने की मांग कर चुके हैं, ताकि मकानों व इमारतों में तोड़फोड़ या सीलिंग न की जाए।
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जिन इमारतों व भवनों के लिए नोटिस जारी किए जा चुके हैं, उनमें सीलिंग व तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी। कुछ इमारतों व भवनों के केस को लेकर हाईकोर्ट में याचिका डाली गई हैं। उन मामलों में आगामी सुनवाई के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। - अमित मधोलिया, डीटीपीई, टाउन प्लानिंग
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