फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   The new boosting station being built in Sector-72 will become operational in October.

Gurugram News: सेक्टर-72 में बन रहा नया बूस्टिंग स्टेशन अक्तूबर में शुरू होगा

Tue, 29 Sep 2026 07:42 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2026 07:42 PM IST
विज्ञापन
The new boosting station being built in Sector-72 will become operational in October.
शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी अ​धिकारियों के साथ बैठक करते। स्त्रोत-विज्ञ​​प्ति
सेक्टर-58 से 80 तक होगी 95 एमएलडी पानी की आपूर्ति, मौजूदा नेटवर्क का भार होगा कम
विज्ञापन

नंबर गेम - 32 जल निकाय विकसित किए जा चुके

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। न्यू गुरुग्राम में पानी की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सेक्टर-72 में बन रहा नया बूस्टिंग स्टेशन अक्तूबर में शुरू होगा। इसके शुरू होने के बाद सेक्टर-58 से 80 तक के इलाकों में 95 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाएगी। इससे मौजूदा सेक्टर-51 बूस्टिंग स्टेशन पर पड़ रहा दबाव कम होगा और तेजी से विकसित हो रहे रिहायशी क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बेहतर होगी।
मंगलवार को मिनी सचिवालय में शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी की अध्यक्षता में हुई 13वीं जिला समन्वय समिति की बैठक में सेक्टर-72 बूस्टिंग स्टेशन को शुरू करने की तैयारियों की समीक्षा की गई। जीएमडीए के मुख्य अभियंता आरएस जांगड़ा ने बताया कि नया स्टेशन सेक्टर-51 बूस्टिंग स्टेशन से सेक्टर-58 से 80 तक पानी की आपूर्ति का भार संभालेगा। फिलहाल चंदू बुढ़ेरा और बसई स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से गुरुग्राम में करीब 720 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति हो रही है। सेक्टर-72 बूस्टिंग स्टेशन शुरू होने के बाद यह क्षमता बढ़कर करीब 770 एमएलडी हो जाएगी। जीएमडीए ने बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की यूनिट-4 का काम भी सौंप दिया है, जिससे भविष्य में शहर की जल शोधन और आपूर्ति क्षमता बढ़ेगी।
विज्ञापन


वजीराबाद झील को जल भंडारण की सुविधा विकसित की जा रही
बैठक में शहरी जलभराव और बाढ़ की समस्या पर भी चर्चा हुई। जीएमडीए ने इसके लिए व्यापक योजना तैयार करने को आईआईटी दिल्ली और कंसल्टेंट निप्पॉन कोइ को जिम्मेदारी दी है। वहीं, नगर निगम ने इसी तरह के आकलन के लिए आईआईटी गांधीनगर को नियुक्त किया है। ढेसी ने वर्षा जल संचयन संरचनाओं, इंजेक्शन कुओं, प्राकृतिक जल निकायों के जीर्णोद्धार और तालाब क्षेत्रों के विकास पर जोर दिया। निगम अधिकारियों ने बताया कि 32 जल निकाय विकसित किए जा चुके हैं, जबकि 21 पर काम चल रहा है। जीएमडीए पांच वर्षा जल संचयन संरचनाओं को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर विकसित कर रहा है। इसके अलावा वजीराबाद झील को जल भंडारण और भूजल पुनर्भरण सुविधा के रूप में विकसित किया जा रहा है। संबंधित विभागों को नए जल निकायों के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed