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Gurugram News: प्रदूषण नियंत्रण के लिए नगर निगम चार जोनों में बनाएगा 16 निर्माण प्रोसेसिंग प्लांट

Sun, 03 May 2026 01:04 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 03 May 2026 01:04 AM IST
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The Municipal Corporation will set up 16 construction processing plants across four zones for pollution control.
4.52 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान, जोन-1 में सेक्टर-46 और 47 में दो सेंटर बनाए जाएंगे
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर में प्रदूषण कम करने के लिए निर्माण व विध्वंस (सीएंडडी) मलबे के बेहतर प्रबंधन के लिए नगर निगम गुरुग्राम की ओर से 16 नए निर्माण प्रोसेसिंग प्लांट बनेंगे। यह प्लांट शहर के चारों जोन में बनाए जाएंगे, जिससे घरों व निकलने वाले मलबे निस्तारण के नियमों के पालन को मजबूत किया जा सके और धूल प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाया जा सके।

अधिकारियों के अनुसार, जोन-एक में सेक्टर 46 और 47 में दो सेंटर बनाए जाएंगे, जबकि जोन-दो के सेक्टर चार और सराय एसटीपी क्षेत्र को शामिल किया गया है। जोन-3 में सेक्टर 21, 22, 38, 40 और पालम विहार सी ब्लॉक में पांच केंद्र प्रस्तावित हैं। वहीं, जोन-चार में सात अतिरिक्त स्थानों को चिन्हित किया गया है, जिनमें उल्लाहवास रोड, बलियावास, कादीपुर, सेक्टर 57, सेक्टर 56 बूस्टिंग स्टेशन, अतुल कटारिया चौक और कादरपुर शामिल हैं।
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नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में शहर में केवल एक सी एंड डी वेस्ट प्रोसेसिंग सुविधा बसई में संचालित है, जिसकी क्षमता पहले 300 टन थी, जिसे अब बढ़ाकर 1200 टन किया गया है। इस पूरी परियोजना पर लगभग 4.52 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि इस योजना के लिए अनुदान एमसीजी करेगा या केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से सहायता ली जाएगी।
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एमसीजी के अतिरिक्त आयुक्त रविंदर यादव ने बताया कि ये केंद्र निर्माण मलबे के व्यवस्थित निपटान में अहम भूमिका निभाएंगे, जो गुरुग्राम में धूल प्रदूषण का एक बड़ा कारण है। प्रत्येक संग्रहण स्थल पर कचरे के अलग-अलग प्रकारों के वर्गीकरण की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें कंक्रीट, ईंट, मिट्टी और मिश्रित मलबे के लिए अलग-अलग खंड बनाए जाएंगे। साथ ही, धूल को नियंत्रित करने के लिए बाहर से दीवार और स्टील गेट जैसी सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।
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