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Gurugram News: गेहूं की बंपर एंट्री से मंडी हुई हाउसफुल

Sun, 17 May 2026 06:22 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 17 May 2026 06:22 PM IST
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The market became houseful due to the bumper entry of wheat.
जाटौली अनाज मंडी में इस बार गेहूं की रिकॉर्ड आवक, किसानों की भारी आमद रही
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नंबर गेम - 15 मई को सरकार के आदेशों के बाद बंद हुई खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
पटौदी। नई अनाज मंडी जाटौली में पिछले कई वर्षों की तुलना में इस वर्ष गेहूं की रिकॉर्ड आवक दर्ज की गई है। गेहूं की बंपर पैदावार के चलते मंडी में किसानों की भारी आमद रही, जिससे किसानों में खुशी का माहौल है। हालांकि, 15 मई को सरकार के आदेशों के बाद गेहूं की खरीद बंद कर दी गई।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 में नई अनाज मंडी जाटौली में कुल 4,83,638 क्विंटल गेहूं की आवक हुई। शनिवार शाम तक 4,70,058 क्विंटल गेहूं का उठान किया जा चुका था और शेष उठान कार्य जारी है। इस वर्ष गेहूं की खरीद एजेंसी हरियाणा स्टेट वेयरहाउस रही। वर्ष 2025 में हरियाणा स्टेट वेयरहाउस और हैफेड द्वारा 3,72,297 क्विंटल गेहूं की सरकारी खरीद की गई थी, जबकि निजी आढ़तियों ने 12,130 क्विंटल गेहूं खरीदा था। कुल मिलाकर उस वर्ष 3,84,427 क्विंटल गेहूं की आवक हुई थी। वहीं, वर्ष 2024 में सरकारी एजेंसियों हैफेड और हरियाणा स्टेट वेयरहाउस द्वारा 3,18,856 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई थी, जबकि निजी आढ़तियों ने 10,513 क्विंटल गेहूं खरीदा था। कुल आवक 3,29,369 क्विंटल रही थी।
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सरसों की सरकारी खरीद में भारी गिरावट
नई अनाज मंडी जाटौली में पिछले दो वर्षों की तुलना में इस बार सरसों की सरकारी खरीद काफी कम रही। वर्ष 2025 में हैफेड द्वारा 1,29,152 क्विंटल सरसों की खरीद की गई थी, जबकि निजी आढ़तियों ने 3,631 क्विंटल सरसों खरीदी थी। वर्ष 2024 में सरकारी एजेंसियों ने 1,90,148 क्विंटल सरसों की खरीद की थी, जबकि निजी आढ़तियों द्वारा 1,956 क्विंटल सरसों खरीदी गई थी। वर्ष 2026 में मंडी में मात्र 1,451 क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद हुई। बाजार में सरसों का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से अधिक होने के कारण किसानों ने सरकारी एजेंसियों की बजाय निजी आढ़तियों को फसल बेचना अधिक लाभकारी समझा।
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मंडी में गेहूं का उठान लगभग पूरा हो चुका है और शेष उठान कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार सरसों की आवक कम रही, क्योंकि बाजार में सरसों के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य 6,200 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक रहे। साथ ही जाटौली मंडी में सरसों के बड़े खरीदार और बड़ी मीलें नहीं हैं। इसके चलते किसान रेवाड़ी, फर्रुखनगर और तावडू मंडियों में फसल बेचने पहुंचे, जहां जाटौली की तुलना में सरसों के दाम 250 से 400 रुपये प्रति क्विंटल अधिक मिल रहे थे। -विपिन यादव, सचिव, मार्केट कमेटी
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