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Gurugram News: गुरुग्राम के सेक्टर-46 स्थित घर से आखिरी अर्थी भी उठी
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दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती विवेक के पिता राधेश्याम अग्रवाल की भी हुई मौत
मालवीय नगर अग्निकांड : 4 जून को विवेक अग्रवाल, उनकी मां, पत्नी व दो बेटियों की हो गई थी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल अग्निकांड की लपटें 3 जून के बाद मंगलवार को भी गुरुग्राम में महसूस की गई। सेक्टर-46 के मकान नंबर 3169 में रहने वाले परिवार के आखिरी बचे सदस्य और मुखिया राधेश्याम अग्रवाल की भी साकेत के मैक्स अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
मंगलवार शाम लगभग 4 बजे इनका शव दिल्ली से एंबुलेंस के जरिये गुरुग्राम के घर लाया गया। यहां परिचितों, पड़ोसियों, रिश्तेदारों व सेक्टरवासियों की मौजूदगी में सेक्टर-32 के मोक्ष धाम में शाम लगभग 6 बजे राधेश्याम के शव का अंतिम संस्कार किया गया। सेक्टर-46 में रहने वाले विवेक अग्रवाल और उनकी मां, पत्नी, दो बेटियों की 5 अर्थिंया इस मकान से 4 जून को उठी थी। उस दौरान भी पड़ोसियों, रिश्तेदारों, परिचितों और सेक्टरवासियों की आंखें नम थी। अंतिम संस्कार के समय जब 5 अर्थियां एक साथ जलीं तो ये दृश्य बेहद हृदयविदारक और रोंगटे खड़े करने वाला था।
एक हादसे ने पूरा परिवार खत्म कर दिया। अस्पताल में भर्ती राधेश्याम अग्रवाल को देखने के लिए ही परिवार दिल्ली पहुंचा और वहां होटल में रुका था। सबकी मौत के बाद मंगलवार को राधेश्याम ने भी दम तोड़ दिया। उनके अंतिम संस्कार के समय भी मौजूद सभी 100 के करीब लोग बेहद परेशान और दुखी दिखे। इस मकान का आखिरी बचा सदस्य भी दुनिया को अलविदा कह गया। दिल्ली के मालवीय नगर एरिया स्थित होटल में 3 जून को आग लग गई थी। इस दिल दहला देने वाले हादसे में गुड़गांव के सेक्टर-46 में रहने वाले सीए विवेक अग्रवाल, मां, उनकी पत्नी तर्जनी अग्रवाल, दो बेटियों व तीन रिश्तेदारों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। परिवार के पांच सदस्यों की मौत होने के बाद विवेक अग्रवाल के चचेरे भाई ही अस्पताल में भर्ती राधेश्याम अग्रवाल की देखरेख कर रहे थे। उनके परिवार के सदस्य विवेक के घर पर ही फिलहाल ठहरे हुए हैं।
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मालवीय नगर अग्निकांड : 4 जून को विवेक अग्रवाल, उनकी मां, पत्नी व दो बेटियों की हो गई थी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल अग्निकांड की लपटें 3 जून के बाद मंगलवार को भी गुरुग्राम में महसूस की गई। सेक्टर-46 के मकान नंबर 3169 में रहने वाले परिवार के आखिरी बचे सदस्य और मुखिया राधेश्याम अग्रवाल की भी साकेत के मैक्स अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
मंगलवार शाम लगभग 4 बजे इनका शव दिल्ली से एंबुलेंस के जरिये गुरुग्राम के घर लाया गया। यहां परिचितों, पड़ोसियों, रिश्तेदारों व सेक्टरवासियों की मौजूदगी में सेक्टर-32 के मोक्ष धाम में शाम लगभग 6 बजे राधेश्याम के शव का अंतिम संस्कार किया गया। सेक्टर-46 में रहने वाले विवेक अग्रवाल और उनकी मां, पत्नी, दो बेटियों की 5 अर्थिंया इस मकान से 4 जून को उठी थी। उस दौरान भी पड़ोसियों, रिश्तेदारों, परिचितों और सेक्टरवासियों की आंखें नम थी। अंतिम संस्कार के समय जब 5 अर्थियां एक साथ जलीं तो ये दृश्य बेहद हृदयविदारक और रोंगटे खड़े करने वाला था।
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एक हादसे ने पूरा परिवार खत्म कर दिया। अस्पताल में भर्ती राधेश्याम अग्रवाल को देखने के लिए ही परिवार दिल्ली पहुंचा और वहां होटल में रुका था। सबकी मौत के बाद मंगलवार को राधेश्याम ने भी दम तोड़ दिया। उनके अंतिम संस्कार के समय भी मौजूद सभी 100 के करीब लोग बेहद परेशान और दुखी दिखे। इस मकान का आखिरी बचा सदस्य भी दुनिया को अलविदा कह गया। दिल्ली के मालवीय नगर एरिया स्थित होटल में 3 जून को आग लग गई थी। इस दिल दहला देने वाले हादसे में गुड़गांव के सेक्टर-46 में रहने वाले सीए विवेक अग्रवाल, मां, उनकी पत्नी तर्जनी अग्रवाल, दो बेटियों व तीन रिश्तेदारों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। परिवार के पांच सदस्यों की मौत होने के बाद विवेक अग्रवाल के चचेरे भाई ही अस्पताल में भर्ती राधेश्याम अग्रवाल की देखरेख कर रहे थे। उनके परिवार के सदस्य विवेक के घर पर ही फिलहाल ठहरे हुए हैं।
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