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Gurugram News: कंबोडिया से ठगी करती थी युवती दिल्ली एयरपोर्ट से पुलिस ने धरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। फर्जी अधिकारी बनकर कूरियर में नशीला पदार्थ, हथियार होने के नाम पर ठगी करने वाली युवती को रविवार को पुलिस ने नई दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। आरोपी युवती कंबोडिया देश में ठगी करने वाले कॉल सेंटर में काम करती थी। इस ठगी के मामले में पुलिस अभी तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी युवती की पहचान गुजरात के जिला सूरत निवासी खुशबू के रूप में हुई है। पीड़ित की शिकायत पर साइबर अपराध पूर्व थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने युवती के पास से दो मोबाइल बरामद किए हैं।
चार दिसंबर 2024 को एक युवती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनके बेटे के पास एक फोन आया था। फोन पर बात करने वाले ने कहा कि बेटे का आधार कार्ड का प्रयोग हवाला के काम में हुआ है। बेटे ने मना किया तो उन्होंने मामला दर्ज करने का डर दिखाया। इसके बाद सीबीआई अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करके डिजिटल अरेस्ट किया। इसके बाद हवाला के मामले में शामिल होने का डर दिखाते हुए रुपये अपने खाते में ले लिए।
रविवार को गिरफ्तार युवती से पूछताछ में पता चला कि पीड़ित से ठगे गए 39 लाख रुपये आरोपी सुरेंद्र के बैंक खाते में गए थे। आरोपी सुरेंद्र ने अपना बैंक खाता आरोपी मितेश को पांच लाख रुपये में बेचा था। आरोपी मितेश ने बताया कि उसने बैंक खाता दुबई में रहने वाले अपने भाई भार्गव के कहने पर आरोपी युवती खुशबू को बेचा था।
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आरोपी युवती ने बताया कि वह कंबोडिया में डिजिटल अरेस्ट करके साइबर फ्रॉड करने वाले कॉल सेंटर में काम करती है। वहां साइबर फ्रॉड का काम तीन चरणों में किया जाता है। प्रथम चरण में लोगों को साइबर फ्रॉड जैसे मोबाइल नंबर अपडेट, आधार कार्ड का प्रयोग गलत कामों में किया गया है का डर दिखाकर मामला दर्ज करने की धमकी देते हैं। इसके बाद फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर उनको डिजिटल अरेस्ट किया जाता है। अंत में कस्टम या इनकम टैक्स अधिकारी बनकर उनसे बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर करा लिए जाते हैं।
आरोपी खुशबू डिजिटल अरेस्ट के लिए किए जाने वाली साइबर ठगी के प्रथम चरण वाली टीम में काम करती थी। आरोपी युवती से पुलिस पूछताछ में पता चला कि वह अपनी एक दोस्त के पति के माध्यम से नवंबर 2023 में दुबई में नौकरी करने के लिए गई थी। वहां से पिछले साल अगस्त में कंबोडिया चली गई। वहां कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह में स्थित मैंगो पार्क नामक कॉल सेंटर में साइबर ठगी में शामिल हो गई।
इस काम के लिए आरोपी महिला को 700 अमेरिकन डॉलर मिलते थे। आरोपी युवती ने बताया कि जिस कॉल सेंटर में वह काम करती थी उसे चीन मूल के लोग संचालित करते हैं। कॉल सेंटर में भारत सहित विभिन्न देशों के युवक-युवतियां साइबर ठगी के काम करते हैं।
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गुरुग्राम। फर्जी अधिकारी बनकर कूरियर में नशीला पदार्थ, हथियार होने के नाम पर ठगी करने वाली युवती को रविवार को पुलिस ने नई दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। आरोपी युवती कंबोडिया देश में ठगी करने वाले कॉल सेंटर में काम करती थी। इस ठगी के मामले में पुलिस अभी तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी युवती की पहचान गुजरात के जिला सूरत निवासी खुशबू के रूप में हुई है। पीड़ित की शिकायत पर साइबर अपराध पूर्व थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने युवती के पास से दो मोबाइल बरामद किए हैं।
चार दिसंबर 2024 को एक युवती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनके बेटे के पास एक फोन आया था। फोन पर बात करने वाले ने कहा कि बेटे का आधार कार्ड का प्रयोग हवाला के काम में हुआ है। बेटे ने मना किया तो उन्होंने मामला दर्ज करने का डर दिखाया। इसके बाद सीबीआई अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करके डिजिटल अरेस्ट किया। इसके बाद हवाला के मामले में शामिल होने का डर दिखाते हुए रुपये अपने खाते में ले लिए।
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रविवार को गिरफ्तार युवती से पूछताछ में पता चला कि पीड़ित से ठगे गए 39 लाख रुपये आरोपी सुरेंद्र के बैंक खाते में गए थे। आरोपी सुरेंद्र ने अपना बैंक खाता आरोपी मितेश को पांच लाख रुपये में बेचा था। आरोपी मितेश ने बताया कि उसने बैंक खाता दुबई में रहने वाले अपने भाई भार्गव के कहने पर आरोपी युवती खुशबू को बेचा था।
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आरोपी युवती ने बताया कि वह कंबोडिया में डिजिटल अरेस्ट करके साइबर फ्रॉड करने वाले कॉल सेंटर में काम करती है। वहां साइबर फ्रॉड का काम तीन चरणों में किया जाता है। प्रथम चरण में लोगों को साइबर फ्रॉड जैसे मोबाइल नंबर अपडेट, आधार कार्ड का प्रयोग गलत कामों में किया गया है का डर दिखाकर मामला दर्ज करने की धमकी देते हैं। इसके बाद फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर उनको डिजिटल अरेस्ट किया जाता है। अंत में कस्टम या इनकम टैक्स अधिकारी बनकर उनसे बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर करा लिए जाते हैं।
आरोपी खुशबू डिजिटल अरेस्ट के लिए किए जाने वाली साइबर ठगी के प्रथम चरण वाली टीम में काम करती थी। आरोपी युवती से पुलिस पूछताछ में पता चला कि वह अपनी एक दोस्त के पति के माध्यम से नवंबर 2023 में दुबई में नौकरी करने के लिए गई थी। वहां से पिछले साल अगस्त में कंबोडिया चली गई। वहां कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह में स्थित मैंगो पार्क नामक कॉल सेंटर में साइबर ठगी में शामिल हो गई।
इस काम के लिए आरोपी महिला को 700 अमेरिकन डॉलर मिलते थे। आरोपी युवती ने बताया कि जिस कॉल सेंटर में वह काम करती थी उसे चीन मूल के लोग संचालित करते हैं। कॉल सेंटर में भारत सहित विभिन्न देशों के युवक-युवतियां साइबर ठगी के काम करते हैं।