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Gurugram News: नौ फीसदी ब्याज के साथ वापस करनी होगी जुर्माने की राशि
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एचएसवीपी ने तय समय पर प्लाॅट का निर्माण नहीं होने पर लगाया था जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। महिला के प्लाॅट पर नियमों के खिलाफ ली गई जुर्माने की राशि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को नौ प्रतिशत के ब्याज के साथ वापस करनी होगी। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने दिया है।
सेक्टर-10ए निवासी मंजू लता ने आयोग को दी शिकायत में बताया था कि प्लॉट पर साल 2021 में लोन लेना था। इसके लिए एचएसवीपी में एनओसी लेने के लिए गईं। जहां उन्हें पता चला कि प्लाॅट की फाइल नहीं मिल रही है। इसके साथ ही उनके प्लाॅट पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा हुआ है। जुर्माना विभाग की तरफ से तय समय पर प्लाॅट का निर्माण नहीं करने पर लगाया लगाया था। सरकार की तरफ से आदेश दिया गया था कि जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने 1999 में वह प्लाॅट लिया था और 2006 में ओसी भी विभाग से लिया था। उस समय करीब 60 हजार रुपये जमा कराए गए थे, लेकिन विभाग ने अपने रिकार्ड में वह दर्ज नहीं किए। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद एचएचवीपी को 53 हजार रुपये नौ प्रतिशत ब्याज के साथ वापस करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही 50 हजार रुपये महिला को परेशान करने और 22 हजार रुपये कानूनी प्रक्रिया का खर्च देने का आदेश दिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। महिला के प्लाॅट पर नियमों के खिलाफ ली गई जुर्माने की राशि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को नौ प्रतिशत के ब्याज के साथ वापस करनी होगी। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने दिया है।
सेक्टर-10ए निवासी मंजू लता ने आयोग को दी शिकायत में बताया था कि प्लॉट पर साल 2021 में लोन लेना था। इसके लिए एचएसवीपी में एनओसी लेने के लिए गईं। जहां उन्हें पता चला कि प्लाॅट की फाइल नहीं मिल रही है। इसके साथ ही उनके प्लाॅट पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा हुआ है। जुर्माना विभाग की तरफ से तय समय पर प्लाॅट का निर्माण नहीं करने पर लगाया लगाया था। सरकार की तरफ से आदेश दिया गया था कि जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने 1999 में वह प्लाॅट लिया था और 2006 में ओसी भी विभाग से लिया था। उस समय करीब 60 हजार रुपये जमा कराए गए थे, लेकिन विभाग ने अपने रिकार्ड में वह दर्ज नहीं किए। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद एचएचवीपी को 53 हजार रुपये नौ प्रतिशत ब्याज के साथ वापस करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही 50 हजार रुपये महिला को परेशान करने और 22 हजार रुपये कानूनी प्रक्रिया का खर्च देने का आदेश दिया है।
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